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गुणवत्ता वाले मिडकैप-स्मॉलकैप में रहेगी बेहतरी

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:02 AM IST

बीएस बातचीत
पूंजीगत खर्च की बहाली का फायदा जिन क्षेत्रों को मिला है उसका प्रदर्शन मध्यम से लंबी अवधि में बेहतर बना रह सकता है। यह कहना है रिलायंस सिक्योरिटीज के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी लव चतुर्वेदी का। ऐश्ली कुटिन्हों को दिए साक्षात्कार में उन्होंंने बाजार पर विस्तार से बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश…
पिछले कुछ दिनों में बाजार में काफी उतारचढ़ाव रहा है। इस साल बाजार के लिए कौन से जोखिम हैं?
पिछले साल महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों में आई गिरावट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकडऩी शुरू की है, लेकिन कोविड-19 की दूसरी लहर और इस वजह से कई राज्यों की तरफ से लगाई गई पाबंदियों का असर रिकवरी पर पड़ा है। बाजार अभी भी मानकर चल रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर का असर बाजार पर पिछले साल की तरह गंभीर नहीं होगा। बड़े राज्यों की तरफ से जून के बाद भी अगर आर्थिक पाबंदी जारी रहती है और दूरदराज के इलाकों में कोविड-19 का और प्रसार होता है तो यह देसी अर्थव्यवस्था व इक्विटी के लिए सबसे बड़ा जोखिम हो सकता है।

मौजूदा मूल्यांकन पर आपकी क्या राय है?
अभी निफ्टी एक साल आगे की आय के 23 गुने पर कारोबार कर रहा है, जो उसकी लंबी अवधि के औसत के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा बाजार पूंजीकरण व जीडीपी के मानक के लिहाज से भारत अभी 100 फीसदी के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिसकी मुख्य वजह पिछले साल जीडीपी में आई गिरावट है। हालांकि सरकारी प्रतिभूति के प्रतिफल और निफ्टी की आय के बीच का स्प्रेड अभी भी 110 आधार अंक है, जो लंबी अवधि के औसत 185 आधार अंक से काफी कम है, ऐसे में मेरा मानना है कि इक्विटी श्रेणी निवेश का तरजीही गंतव्य बनी रह सकती है।

चौथी तिमाही की कंपनियों की आय को आप कैसे देखते हैं?
पिछले साल के निचले आधार और क्षमता इस्तेमाल में सुधार के साथ मांग में तेजी को देखते हुए चौथी तिमाही में आय की रफ्तार मजबूत रहने की उम्मीद है। निफ्टी-50 की कंपनियों के वास्तविक प्रदर्शन की तुलना करना अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि निफ्टी-50 की कुछ ही कंपनियों ने चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं और पिछले हफ्ते तक इन कंपनियों के लाभ में औसतन 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हमारी राय में उच्च क्षमता इस्तेमाल से इनपुट व मालभाड़े की लागत में हुई तीव्र बढ़ोतरी का असर कुछ हद तक कम हो सकता है। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले को देखते हुए दिग्गज वित्तीय कंपनियों /बीएफएसआई के नतीजे निफ्टी-50 की कंपनियों की चौथी तिमाही की आय की रफ्तार को लेकर अहम हो सकते हैं।

क्या व्यापक बाजार में उम्दा प्रदर्शन जारी रहेगा?
मिडकैप व स्मॉलकैप का उम्दा प्रदर्शन मुख्य रूप से कंपनी जगत की आय में सुधार के कारण हो रहा है। चूंकि लार्जकैप का मूल्यांकन नियंत्रण से बाहर निकल गया लगता है, ऐसे में निवेशकों ने अच्छी गुणवत्ता वाली मिडकैप व स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश शुरू कर दिया है, जो अपेक्षाकृत सहज मूल्यांकन पर उपलब्ध हैं। अभी भी मेरा मानना है कि कंपनियों की आय में सुधार होगा, ऐसे में अच्छी गुणवत्ता वाली मिडकैप व स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन मध्यम से लंबी अवधि में अच्छा बना रहेगा।

आगामी महीनों में आप किन क्षेत्रों पर दांव लगाएंगे?
पिछले दो साल में कम ब्याज दर के परिदृश्य ने निश्चित तौर पर दरों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों को लाभान्वित किया है। इससे रियल एस्टेट बाजार को फायदा हुआ है, जहां हाल के महीनों में बिक्री में तेजी आई है। इसके अतिरिक्त कीमतों का मजबूत परिदृश्य और वैश्विक मांग में तेजी ने धातु कंपनियों के शेयरों को मजबूत बनाया है। साथ ही आम बजट में पूंजीगत खर्च में काफी तेजी की घोषणा ने बुनियादी ढांचा, सीमेंट, इंडस्ट्रियल व पूंजीगत सामान क्षेत्र के शेयरों को हवा दी है। हमें उन क्षेत्रों पर भरोसा है जो पूंजीगत खर्च के बहाल होने से लाभान्ति हो रही हैं और ये क्षेत्र मध्यम से लंबी अवधि में उम्दा प्रदर्शन कर सकते हैं।

 

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First Published - May 7, 2021 | 10:52 PM IST

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