facebookmetapixel
Advertisement
क्रिप्टो से ट्रंप की तगड़ी कमाई! एक साल में ₹12,000 करोड़ से ज्यादा की इनकमAMFI की नई लिस्ट जल्द, BSE और Vodafone Idea समेत कई शेयरों की बदल सकती है कैटेगरीजुलाई में पैसा कमाने का मौका? ब्रोकरेज ने बताए टॉप 10 खरीदने और बेचने वाले स्टॉक्स1 जुलाई से बड़ी राहत! कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹183.50 सस्ता, चेक करें घरेलू गैस सिलेंडर के दाम11 हफ्तों से घट रहा अमेरिका का ऑयल स्टॉक, क्या अब बदलने वाला है ट्रेंड?US Jobs Report से पहले डॉलर में आई मजबूती, 101.3 के पार पहुंचा डॉलर इंडेक्सStock Market Today: अच्छी शुरुआत के बाद तेजी कायम, सेंसेक्स 76,600 के पार; IT और ऑटो में खरीदारीडेटा सेंटर से डिफेंस तक… इस कंपनी के लिए खुल रहे बड़े मौके! कमाई और शेयर पर मोतीलाल ओसवाल ने दी रायStocks To Watch Today: Kotak Mahindra Bank की बड़ी डील से RailTel के ऑर्डर तक, आज इन शेयरों पर रखें नजरबॉन्ड यील्ड में गिरावट से बैंकों को होगा फायदा, Q1 में ट्रेजरी मुनाफा बढ़ने की उम्मीद

दूरसंचार कंपनियों ने स्पैम दिशानिर्देश जारी करने को कहा

Advertisement

सीओएआई ने मौजूदा नियामकीय खामियों को दूर करने के लिए उपभोक्ता विभाग को पत्र लिखा; रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया शामिल

Last Updated- November 28, 2024 | 10:48 PM IST
satellite communication

दूरसंचार कंपनियों ने उपभोक्ता मामले के विभाग से फर्जी कॉल और मेसेज को रोकने के उद्देश्य से मसौदा दिशानिर्देशों को तुरंत जारी करने का आग्रह किया है। विभाग की सचिव निधि खरे लिखे पत्र में सेल्युलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने बताया है कि मानदंड मौजूदा नियामक व्यवस्था में कमियों को दूर कर सकते हैं।

विभागीय समिति ने इस साल की शुरुआत में एक दिशानिर्देश दिया था, जो जिम्मेदारी सौंपने और फर्जी कॉल एवं मेसेज के स्रोत के खिलाफ कार्रवाई करने के नतीजतन आए थए। इस कदम की सीओएआई ने भी सराहना की थी, जो निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।

इसमें रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं। मसौदा दिशानिर्देशों में अनचाहे कारोबारी कॉल (यूबीसी) के स्रोत यानी बैंकों, रियल एस्टेट जैसी संस्थाओं के लिए फोन करने वाले एजेंटों को ही सीधे तौर पर जिम्मेदार मानने का आह्वान किया गया था। सीओएआई ने अपने पत्र में कहा है, ‘इन दिशानिर्देशों के जरिये विभाग ऐसे अनचाहे कारोबारी कॉल पर अंकुश लगाने के लिए मौजूदा नियामकीय व्यवस्था में एक महत्त्वपूर्ण अंतर को पाट सकता है।’ बिज़नेस स्टैंडर्ड से भी उस पत्र को देखा है।

फर्जी कॉल और मेसेज की बढ़ती घटनाओं पर सरकार की चल रही लड़ाई ट्राई अधिनियम, 1997 के तहत तैयार टेलीकॉम वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियमन, 2018 (टीसीसीसीपीआर) के जरिये की गई है। मगर सीओएआई ने इसे एक अपूर्ण और अप्रभावी समाधान तौर पर जोर दिया है। परिवेश में यूबीसी के लिए जिम्मेदार कई संस्थाएं हैं जो ट्राई के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।

Advertisement
First Published - November 28, 2024 | 10:48 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement