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टाटा मोटर्स की रेटिंग में बदलाव नहीं

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Last Updated- December 10, 2022 | 8:16 PM IST

स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स रेटिंग्स सर्विसेज ने टाटा मोटर्स की लंबी अवधि की कॉरपोरेट क्रेडिट रेटिंग ‘बी बी निगेटिव’ को अब भी बरकरार रखने की घोषणा की है।
एजेंसी ने इसके अलावा कंपनी के वरिष्ठ जोखिम नोट का ‘बी बी निगेटिव’ मूल्यांकन भी बरकरार रखा है। एसऐंडपी के मुताबिक, कई मुद्दों पर मांगे गए कई स्पष्टीकरण का जवाब टाटा मोटर्स की ओर से न मिलने के चलते उसकी रेटिंग अब भी नकारात्मक बनी हुई है।
स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स के क्रेडिट विश्लेषक मैनुअल ग्वेरेना ने बताया, ‘कई वजहाें से हमने टाटा मोटर्स की रेटिंग को विचाराधीन रखा है। कंपनी से नगद प्रवाह में हुई कमी, महत्वपूर्ण पूंजीगत खर्चों के लिए निवेश और कर्ज जुटाने के उपायों के बारे में ब्यौरा मांगा गया था।’
उन्होंने कहा कि,’कंपनी ने अपनी रणनीति बहुत स्पष्ट नहीं की। हम मानते हैं कि टाटा मोटर्स विशेषकर जगुआर और लैंड रोवर के समेकित नगद प्रवाह में बहुत कमी हुई है। हमारे विचार में ऐसा इसलिए कि कंपनी के लिए मौजूदा माहौल काफी मुश्किल है।’
ग्वेरेना ने आगे कहा, ‘इसके अलावा, कंपनी का कर्ज काफी अधिक हो गया है। इसमें लघु अवधि के कर्ज का बड़ा हिस्सा शामिल है। मेरा मानना है कि 2 जून 2009 तक चुकाए जाने वाले 2 अरब डॉलर के कर्ज को टाटा मोटर्स जब तक नहीं चुकता करती तब तक उसकी रेटिंग को निगरानी के तहत रखा जाएगा।’
उल्लेखनीय है कि एसऐंडपी ने टाटा मोटर्स की रेटिंग को पहली बार 12 दिसंबर 2008 को विचाराधीन रखा था। उस समय इसकी रेटिंग ‘बी बी’ से घटाकर ‘बी बी निगेटिव’ कर दी गई थी। यह अनुमान से कहीं तेज गिरावट थी। टाटा मोटर्स की वित्तीय हालत जेएलआर के अप्रैल 2008 में अधिग्रहण के बाद खराब हुई है।

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First Published - March 17, 2009 | 2:14 PM IST

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