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भारतीय स्टार्टअप्स ने 2025 में जुटाए 9.1 अरब डॉलर, अब ‘स्मार्ट ग्रोथ’ पर फोकस

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स्टार्टअप कंपनियों की एक साल पहले की तुलना में 23% बढ़ोतरी हुई, डीपटेक और AI बने निवेश के बड़े केंद्र

Last Updated- March 26, 2026 | 8:33 AM IST
Startup Funding
साल 2025 में डीपटेक स्टार्टअप कंपनियों ने रकम जुटाने की कवायद में 2.3 अरब डॉलर जुटाए। प्रतीकात्मक फोटो

भारत का प्रौद्योगिकी स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र तेज से विस्तार से हट रहा है और क्रियान्वयन पर केंद्रित वृद्धि की ओर बढ़ रहा है। नैसकॉम और जिननोव की रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में स्टार्टअप कंपनियों ने एक साल पहले की तुलना में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 9.1 अरब डॉलर की रकम जुटाई। रकम जुटाने की यह कवायद और ज्यादा चुनिंदा हो गई है तथा यह नए मुकामों से जुड़ी हुई है। यह कारोबार बढ़ाने वाले और व्यावसायीकरण के लिए तैयार उद्यमों के पक्ष में है। यह रिपोर्ट क्षेत्र के विकास के अगले दौर को आकार देने वाले संरचनात्मक बदलावों पर प्रकाश डालती है।

डीपटेक क्षेत्र भारत की नवाचार रफ्तार के अहम स्तंभ के रूप में उभर रहा है। भारत में फिलहाल 4,200 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप कपंनियां हैं। इनमें से अकेले साल 2025 में ही स्थापित 550 से अधिक कंपनियां शामिल हैं। साल 2025 में डीपटेक स्टार्टअप कंपनियों ने रकम जुटाने की कवायद में 2.3 अरब डॉलर जुटाए। इसमें सालाना आधार पर 37 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह पूंजी के अधिक चुनिंदा माहौल के बावजूद निवेशकों के निरंतर विश्वास को दर्शाता है।

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) डीपटेक के विकास का प्रमुख संचालक बनी हुई है। डीपटेक स्टार्टअप में इसकी 84 प्रतिशत और जुटाई गई रकम में 91 प्रतिश्ता हिस्सेदारी है और यह तेजी से उद्योगों और उद्यम एप्लीकेशनों में शामिल हो रही है।

नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि भारत का स्टार्टअप तंत्र अब वृद्धि के अधिक अनुशासित चरण में प्रवेश कर रहा है। इसमें अगले नवाचार चक्र के लिए एआई मुख्य अवसंरचना के रूप में केंद्र में है। उन्होंने कहा कि यह उद्यमों के सॉफ्टवेयर, साइबर सुरक्षा, रक्षा और औद्योगिक प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर एआई बनाने, तैनात करने और व्यावसायीकरण करने की भारत की क्षमता में बढ़ते वैश्विक विश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि अगला चरण एआई नवाचार का बाजार में इस्तेमाल, बौद्धिक संपदा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्लेटफार्मों की दिशा में बढ़ने पर निर्भर करेगा।

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First Published - March 26, 2026 | 8:33 AM IST

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