अनुसंधान नैशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) डॉ शिवकुमार कल्याणरमण ने सोमवार को कहा कि एक लाख करोड़ रुपये के शोध, विकास और नवाचार (आरडीआई) विशेष उद्देश्य निधि (एसपीएफ) का पहला चेक आने वाले दिनों में पात्र इकाइयों को जारी किया जाएगा।
सीआईआई के कार्यक्रम में भारत की डीप टेक सफलता पर आयोजित एक सत्र में कल्याणरमण ने कहा, ‘परसों, हम पहला चेक जारी करेंगे और एक महीने के भीतर कई द्वितीय-स्तरीय फंड प्रबंधकों को अधिसूचित करेंगे, जिन्हें अतिरिक्त आवंटन भी मिलेगा। आप जल्द ही एक ऐसे परिसंपत्ति वर्ग का उदय देखेंगे जो डीप टेक नवाचार को बढ़ावा देगा।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3 नवंबर, 2025 की घोषणा से लेकर मई 2026 तक आरडीआई फंड के रिकॉर्ड गति से संचालन की सराहना करते हुए कल्याणरमन ने कहा कि एएनआरएफ ने पहले ही दूसरे स्तर के फंड प्रबंधकों – प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) को अधिसूचित कर दिया है, जिन्हें पहले चरण में प्रत्येक को लगभग 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
एएनआरएफ के तहत आने वाले एक लाख करोड़ रुपये के आरडीआई फंड का मकसद पेशेवर रूप से प्रबंधित दूसरे स्तर के फंड प्रबंधकों के माध्यम से निजी क्षेत्र में, मुख्य रूप से डीप टेक स्टार्टअप्स, कॉर्पोरेट अनुसंधान और विकास इकाइयों, तथा विशेष उद्देश्य वाले अनुसंधान माध्यमों में पूंजी डालना है। कल्याणरमन ने कहा कि भारत में रहने वाले लोगों द्वारा प्रबंधित संस्थाएं इस फंड की पात्र होंगी, भले ही उनमें ज्यादातर हिस्सेदारी विदेशियों की हो।