देश की बड़ी दोपहिया कंपनियों में से एक, टीवीएस मोटर्स कंपनी लि. ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 95 लाख रुपये का शुध्द घाटा हुआ है।
पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी को पांच करोड़ रुपये का शुध्द लाभ हुआ था। कंपनी की बिक्री भी पिछले साल की तीसरी तिमाही की 875 करोड़ रुपये के स्तर से दो फीसदी गिरकर 852 करोड़ रुपये रह गई।
कंपनी की कमाई भी इस तिमाही में 868 करोड़ रुपये रह गई, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को कुल मिलाकर 889 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।
कंपनी का कहना है कि कर्जो की कम उपलब्धता, नगदी संकट और महंगाई की वजह से उसे घाटा हुआ है। इस तिमाही में कंपनी 145 लाख मोटरसाइकिलें बिकीं, जबकि पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 176 लाख मोटरसाइकिलें बेची थीं।
मतलब पिछले साल के मुकाबले पूरे 17 फीसदी की कमी। उसके स्कूटरों की बिक्री में भी 12 फीसदी की गिरावट आई है।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी के दोपहिया वाहनों की बिक्री में 19 फीसदी का इजाफा हुआ था। उस तिमाही में कंपनी ने कुल मिलाकर 1,37, 246 वाहनों को बेचा था।
उन तीन महीनों में कंपनी के मोटरसाइकिलों की बिक्री में भी 32 फीसदी का इजाफा हुआ था।
रिलायंस पॉवर फायदे में
अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पॉवर को चालू वित्त वर्ष की बीती तिमाही में 106 करोड़ रुपये का शुध्द लाभ हुआ है।
इस वक्त 13 बिजली परियोजनाओं को बनाने में जुटी इस कंपनी को इस तिमाही में अन्य स्रोतों के जरिये 131.31 करोड़ रुपये की भी कमाई हुई है।
कंपनी का पब्लिक इश्यू पिछले साल ही आया था, इसलिए पिछले साल के आंकड़ों के साथ इसकी तुलना नहीं की जा सकती है।
आइडिया के मुनाफे पर गाज
आदित्य बिड़ला समूह की जीएसएम सेवा प्रदाता कंपनी, आइडिया सेल्यूलर को बीती तिमाही में 219.45 करोड़ रुपये का शुध्द लाभ हुआ है। यह मुनाफा पिछले साल की समान अवधि के 236.77 करोड़ रुपये के मुनाफे से 7.32 फीसदी कम है।
हालांकि, पिछले साल की समान अवधि में हुई कमाई के मुकाबले इस साल कंपनी को एक हजार करोड़ रुपये ज्यादा कमाई हुई है।
पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 1710.31 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। वहीं इस साल कंपनी को इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 2731.05 करोड़ रुपये की कमाई हुई है।
स्वराज इंजन्स के मुनाफे में इजाफा
स्वराज मजाडा के ट्रक्टरों के लिए इंजन और इंजन के कल-पुर्ज बनाने वाली कंपनी स्वराज इंजन्स ने बीती तिमाही में 4.72 करोड़ रुपये का शुध्द मुनाफा दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के 4.68 करोड़ रुपये मुनाफे से सिर्फ 0.85 फीसदी ज्यादा था।
दूसरी तरफ, कंपनी की कुल कमाई 16.38 फीसदी बढ़कर 46.59 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 38.96 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।
चालू वित्त वर्ष की पहले नौ महीनों में कंपनी का शुध्द लाभ 35.32 फीसदी बढक़र 15.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है। पिछले वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कंपनी को 10.07 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था।
जेवीएल एग्रो इंडस्ट्री को हुआ मुनाफा
वनस्पति और रिफंड खाद्य तेल बनाने वाली कंपनी जेवीएल एग्रो इंडस्ट्री लि. को 31 दिसंबर को खत्म हुई तिमाही में 7.35 करोड़ रुपये का शुध्द लाभ हुआ है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के मुनाफे से 7.3 फीसदी ज्यादा है।
पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 6.85 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। दूसरी तरफ, पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के मुकाबले इस तिमाही में कंपनी की कुल कमाई में 14.46 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
इस तिमाही में कंपनी को 326.79 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी, जबकि पिछले साल की इस तिमाही में कंपनी को 285.51 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।
प्राज का मुनाफा बढ़ा
जैवईंधन प्रौद्योगिकी से जुड़ी प्रमुख कंपनी प्राज इंडस्ट्रीज का 31 दिसंबर को समाप्त हुई तिमाही में शुध्द मुनाफा 20 फीसदी बढ़कर 47.31 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने बंबई स्टाक एक्सचेंज को बताया कि पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में उसका शुध्द मुनाफा 39.45 करोड़ रुपये था।
प्राज इंडस्ट्रीज की समीक्षाधीन तिमाही में कुल आय बढ़कर 210.05 करोड़ रुपये हो गया हो, जो पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 180.23 करोड़ रुपये था।
दिसंबर में समाप्त हुए नौ महीनों में प्राज इंडस्ट्रीज का शुध्द मुनाफा बढ़कर 102. 24 करोड़ रुपये हो गया जो पूर्व वित्त वर्ष की इसी अवधि में 94. 88 करोड़ रुपये था। कंपनी की प्रति शेयर पर होने वाली भी 2.13 रुपये से बढ़कर 2.55 रुपये हो गई है।
हिंदुस्तान जिंक के मुनाफे में सेंध
देश की सबसे बड़ी जस्ता और सीसा उत्पादक कंपनी, हिंदुस्तान जिंक को 31 दिसंबर 2008 को समाप्त तिमाही में 369 करोड़ का शुध्द लाभ हुआ है। यह रकम पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी को हुए मुनाफे से 56 प्रतिशत कम है।
कंपनी ने बंबई स्टाक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि पिछले साल की इसी अवधि में उसे 834 करोड़ रुपये का शुध्द लाभ हुआ था।
इस तिमाही में कंपनी की कुल परिचालन आय 38 फीसदी घटकर 1,031 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 1,658 करोड़ रुपये था।
रेलीगेयर टेकनोवा को घाटा
विविध कारोबार से जुड़ी रेलीगेयर टैकनोवा ग्लोबल साल्यूशंस ने कहा कि 31 दिसंबर, 2008 को समाप्त तीसरी तिमाही में उसे 8. 57 करोड़ रुपए का शुध्द घाटा हुआ है। कंपनी को पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 1.08 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
कंपनी ने बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय घटकर 3.62 करोड रुपए हो गई जो पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 5. 75 करोड़ रुपये थी।
इंफो एज को मोटा मुनाफा
प्रमुख रोजगार पोर्टल नौकरी डाट काम का स्वामित्व रखने वाले इंफो एज इंडिया का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुध्द मुनाफा 31.47 फीसदी बढ़कर 17.21 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का मानना है कि अल्पवधि में विकास एक चुनौती के समान होगा।
इंफो एज को पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 13.09 करोड़ रुपये का शुध्द मुनाफा हुआ था। कंपनी के एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसकी कुल आय 16.77 फीसदी बढ़कर 70.17 करोड़ रुपये हो गया जो पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 60.09 करोड़ रुपये था।
पेंटालून रिटेल का मुनाफा बढ़ा
फ्यूचर समूह की रिटेल इकाई पेंटालून रिटेल इंडिया लिमिटेड ने कहा कि 31 दिसंबर, 2008 को समाप्त दूसरी तिमाही में उसका शुध्द मुनाफा छह फीसदी बढ़कर 33.54 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 1,527. 20 करोड़ रुपये हो गई जो पूर्व वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,228.07 करोड़ रुपये था।
एलजी को घाटा
दक्षिण कोरिया की एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंक को पिछली सात तिमाहियों में पहली बार घाटा झेलना पड़ा है। कंपनी के मुताबिक, घाटा उम्मीद से कहीं ज्यादा है।
इसकी वजह कंपनी के फ्लैट स्क्रीन और मोबाइल फोन की बिक्री में हुई जोरदार कमी रही है। खराब पूर्वानुमान को देखते हुए कंपनी ने बिक्री में और कमी की आशंका जताई है।
सोनी को मोटे नुकसान का अनुमान
जापान की प्रमुख इलेक्ट्रानिक कंपनी सोनी कार्पोरेशन को वैश्विक आर्थिक में टीवी, कैमरा और वीडियो कंसोल्स की बिक्री में कमी की वजह से मार्च में समाप्त होने जा रहे चालू वित्तीय वर्ष में 2.9 अरब अमेरिकी डालर का परिचालन नुकसान होने का अनुमान है।कंपनी के लिए 14 वर्षों में यह सबसे बड़ा झटका होगा।
हुंडई के मुनाफे में कमी
मंदी और मांग में आई कमी की वजह से हुंडई मोटर्स के मुनाफे में चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 28 फीसदी की गिरावट आई है। 2009 में हुंडई ने 1.32 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया है। जबकि पिछले साल कंपनी का मुनाफा 1.45 खरब रहा था।