कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा है कि विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से कीमतों को बहुत अधिक सस्ती किए जाने और भारी छूट दिए जाने तथा कुछ निश्चित एफएमसीजी कंपनियों द्वारा वितरक नेटवर्क को किनारे करने के प्रयासों के बावजूद उपभोक्ता बाजार पर हजारों छोटे ब्रांड राज कर रहे हैं।
कैट देश में 7 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और महासचिव प्रवीण खांडेलवाल ने कहा, ‘यदि सरकार गैर-कॉर्पोरेट क्षेत्र को समर्थक नीतियां प्रदान करती है और ई-कॉमर्स कंपनियों पर नीति था कानून का पूरी तरह से पालन करने के लिए कड़ाई करती है तो देश का खुदरा कारोबार निश्चित तौर पर बढ़ेगा।’