अरसे से नुकसान झेल रही उड़ीसा स्पंज आयरन ऐंड स्टील (ओएसआईएसएल) के शेयरों की इन दिनों चांदी हो गई है।
इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया जब से शुरू हुई है तब से अब तक इसके शेयरों में कई गुनी बढ़ोतरी हो चुकी है। कंपनी पर कब्जे को लेकर दिल्ली की तीन कंपनियों में जबरदस्त होड़ मची हुई है। नतीजतन, कंपनी के शेयरों को पंख लग चुके हैं।
महज तीन महीने में ही ओएसआईएसएल के शेयरों में 7 गुनी की वृद्धि हो चुकी है। कंपनी के शेयर जो अभी 396 रुपये पर हैं, 8 दिसंबर 2008 को महज 56 रुपये के स्तर पर थे। नगदी की किल्लत से जूझ रही देश की दूसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक ने दिसंबर में कंपनी में अपनी 20 फीसदी हिस्सेदारी (वारंट सहित) बेचने का फैसला लिया।
इसी के साथ शुरू हुई कंपनी पर नियंत्रण की होड़। महज तीन महीने में परिस्थितियां काफी बदल गईं। भूषण समूह के सिंघल बंधुओं सहित मोनेट इस्पात भी इसके अधिग्रहण की दौर में शामिल है। कंपनी का नियंत्रण अपने हाथों में लेने के लिए तीनों पक्षों ने बढ़-चढ़कर ओपेन ऑफर दी है।
जानकारों के मुताबिक, यदि भूषण स्टील और मोनेट इस्पात दोनों ही पक्ष ओएसआईएसएल में 26-26 फीसदी हिस्सेदारी पाने में कामयाब रहे तो कंपनी का संचालन मुश्किल ही नहीं दूभर हो जाएगा। 26 फीसदी की हिस्सेदारी पाते ही दोनों पक्षों के पास वीटो का अधिकार आ जाएगा।
इसका मतलब यह है कि कंपनी के लिए धन उगाहने की प्रक्रिया तब तक शुरू नहीं हो सकती जब तक कि दोनों पक्ष इस मसले पर सहमत न हों। जाहिर है ऐसे हालात में कंपनी के विकास पर सवालिया निशान लग जाएगा।
भूषण स्टील के प्रवर्तक नीरज सिंघल ने जनवरी में यूनिटेक से शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी 14.85 फीसदी तक बढ़ा ली। नीरज के इस कदम के बाद उनके बड़े भाई संजय सिंघल ने अपनी कंपनी भूषण पावर ऐंड स्टील के मांर्फत ओपन ऑफर की पेशकश कर दी। 7 फरवरी को संजय ने उड़ीसा स्पंज में 26 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदने के लिए प्रति शेयर 300 रुपये की पेशकश कर दी।
एक बैंकर के मुताबिक, 20 फीसदी से कम फ्लोटिंग शेयर मौजूद होने से ओएसआईएसएल पर नियंत्रण की संजय की कोशिश मुश्किल ही मालूम पड़ती है। बैंकर के मुताबिक, इस ओपन ऑफर का मकसद उनके प्रतिद्वंद्वी और छोटे भाई नीरज सिंघल के लिए अधिग्रहण की लागत बढाना मालूम होती है। अधिग्रहण के लिए जरूरी था कि 28 फरवरी से पहले कंपनी के लिए ओपन ऑफर की पेशकश कर दी जाए।
यूनिटेक अपने शेयरों को बेचने के लिए महीनों से भूषण स्टील, मोनेट इस्पात और अन्य के साथ बातचीत कर रही थी। सूत्रों का दावा है कि उड़ीसा स्पंज के प्रवर्तक पी के मोहंती को भूषण स्टील द्वारा यूनिटेक के शेयर खरीदे जाने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी। बेहतर कीमत पाने के लिए मोहंती ने मोनेट इस्पात के प्रवर्तक संदीप जाजोदिया के साथ भी बातचीत शुरू कर दी।