एफएमसीजी की बिक्री में दिख रहे नरमी के संकेत

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 1:17 AM IST

देश में करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये के एफएमसीजी बाजार में एक बार फिर नरमी के संकेत दिखने लगे हैं। जून में एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री कोविड के पूर्व स्तर पर पहुंच गई थी लेकिन अब भी नरमी देखी जा रही है। बाजार शोध एजेंसी नीलसन के आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त में एफएमसीजी की बिक्री कोविड के पहले के स्तर से कम हो गई है। आर्थिक अनिश्चितता के बीच ग्राहक अपनी प्राथमिकताओं को नए सिरे से तय कर रहे हैं।
नीलसन ने पहले संकेत दिया था कि 2020 की दूसरी छमाही में सुधार आ सकता है लेकिन अब एजेंसी ने माना है कि मांग में नरमी फिलहाल बनी रहेगी।
नीलसन ग्लोबल कनेक्ट में दक्षिण एशिया के कार्यकारी निदेशक (रिटेल इंटेलिजेंस) समीर शुक्ला ने कहा, ‘अप्रैल और मई में लॉकडाउन के कारण दबी हुई मांग की वजह से जून और जुलाई में ग्राहकों की मांग देखी गई। लेकिन अगस्त में ऐसा नहीं दिखा। हालांकि दशहरा और दीवाली के दौरान खपत के रुझान पर नजर रहेगी।’
इससे पहले हिंदुस्तान यूनिलीवर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव मेहता ने उद्योग संगठन फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी के साथ बातचीत में संकेत दिया था कि मुद्रास्फीति बढऩे की आशंका के बावजूद सरकार मांग को बढ़ावा देने के लिए खर्च बढ़ाने के कदम उठा सकती है। मेहता ने कहा था, ‘मुद्रास्फीति बढऩे का जोखिम है लेकिन अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट उससे कहीं बड़ी चिंता है।’
इस माह की शुरुआत में आईटीसी के चेयरमैन संजीव पुरी ने सालाना आम बैठक में कहा था कि निकट अवधि में एफएमसीजी बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी क्योंकि ग्राहक अभी महामारी से उबरने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के खरीदारी व्यवहार में भी बदलाव आया है और वे अब पैसे का ज्यादा मोल समझ रहे हैं और सोच-समझकर ही खरीदारी कर रहे हैं।
नीलसन भी पुरी के बयान से इत्तेफाक रखती है। नीलसन का कहना है कि आम लोगों के उत्पाद तथा कम दाम वाले एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री अगस्त में बढ़ी है। दूसरी ओर प्रीमियम और सुपर प्रीमियम सेगमेंट में बिक्री कम रही है क्योंकि लोग किफायती उत्पादों पर ध्यान दे रहे हैं। प्राइवेट लेबल उत्पादों की बिक्री भी अगस्त में बढ़ी है और कुछ बिक्री में इसकी हिस्स्ेदारी 5.1 फीसदी रही है जो कोविड के पहले 3.5 फीसदी थी।
नीलसन ने कहा कि अगस्त में सकारात्मक पहलू यह रहा कि ई-कॉमर्स के क्षेत्र में वृद्घि देखी गई। अगस्त में ऑनलाइन बिक्री कोविड के पहले के स्तर से कहीं ज्यादा रही। नीलसन के शुक्ला ने कहा कि ग्राहकों द्वारा ई-कॉमर्स को तेजी से अपनाया जा रहा है और पहली बार ऑनलाइन एफएमसीजी उत्पाद खरीदने वाले भी बढ़ रहे हैं।
नीलसन ने कहा कि महामारी के कारण ग्राहकों के ई-कॉमर्स को अपनाने की वजह से पिछले नौ महीनों में ई-कॉमर्स में एफएमसीजी की हिस्सेदारी (वैल्यू) 12 फीसदी बढ़ी है। लेकिन अभी भी ई-कॉमर्स की बिक्री में मोबाइल फोन की 48 फीसदी, फैशन उत्पादों की 18 फीसदी और अप्लाइंसेस तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की हिस्सेदारी 17 फीसदी है।
शुक्ला ने कहा, ‘हमारे हालिया सर्वे से पता चलता है कि कंपनियां अब महामारी से पहले की तुलना में कहीं ज्यादा ई-कॉमर्स से खरीदारी को तवज्जो दे रही हैं। और कई अब घर तक सामान की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।’

First Published : September 26, 2020 | 12:29 AM IST