सैमको एएमसी करेगी निवेश से पहले स्टॉक का स्ट्रेस टेस्ट

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 1:03 AM IST

सैमको ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी ने मंगलवार को कहा कि वह शेयरोंं के चयन में स्ट्रेस टेस्ट रणनीति का इस्तेमाल करेगी। ऑनलाइन डिस्काउंट ब्रोकर ने पिछले महीने बाजार नियामक सेबी से म्युचअल फंड में उतरने की मंजूरी हासिल की थी। सैमको एएमसी शुरू में फ्लैक्सी कैप स्कीम पेश करेगी, जिसके बाद ग्लोबल ऐक्टिव फंड और एक इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) उतारा जाएगा।
फंड हाउस ने कहा कि उसके प्रोप्राइटरी हेक्साशील्ड फ्रेमवर्क के छह कठिन जांच के दायरे में हर कंपनी को रखा जाएगा। जो हेक्साशील्ड की जांच में खरी उतरेगी, उसमें निवेश किया जाएगा। स्ट्रेस टेस्ट में कैश फ्लो स्ट्रेस टेस्ट, बैलेंस शीट व डेट स्ट्रेस टेस्ट और रेग्युलेरी स्ट्रेस टेस्ट शामिल है। सैमको एमएफ के मुताबिक, ज्यादातर सूचीबद्ध कंपनियां स्ट्रेस टेस्ट में नाकाम हो गईं।

फंड हाउस ने कहा कि निफ्टी-50 के सिर्फ 15 शेयर ही स्ट्रेस टेस्ट में सफल हो पाईं। इसके अलावा सैमको यह सुनिश्चित करेगी कि उसकी योजनाएं सक्रियता से प्रबंधित हो और वह इस संबंध में हर दिन डिस्क्लोजर सामने रखेगी। सैमको एएमसी के संस्थापक व निदेशक जिमित मोदी ने कहा, परिसंपत्ति प्रबंधन की दुनिया विभिन्न अवरोधों का सामना कर रही है। सैमको का इरादा अच्छी तरह से प्रबंधित शेयरों के साथ फंड तैयार करने का है ताकि लागत को लेकर संजीदा निवेशकों को वास्तव में ऐक्टिव फंड मिले।

First Published : September 14, 2021 | 11:57 PM IST