मंदी की वजह से कम होते कारोबार को फिर पटरी पर लाने के लिए रिटेल कंपनियां खरीदारों को लुभाने के लिए रणनीति बना रही हैं।
मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में मौजूद पेंटालून नई पेशकश लेकर आई है। इसमें खरीदार पुराना कपड़ा लेकर स्टोर्स में आते हैं तो उन्हें खरीदारी पर 250 रुपये की छूट मिलेगी।
दरअसल, कंपनी का मकसद अधिक से अधिक खरीदारों को अपने स्टोर्स तक लाना है।
घटती बिक्री की वजह से कंपनी का मुनाफा कम हो रहा है। ऐसे में कंपनी अपने कर्मचारियों की छंटनी, वेतन में कटौती और उत्पादन घटाने की भी तैयारी में जुटी है।
मंदी की वजह से मांग घटने की स्थिति में रिटेल कंपनियां अब नए-नए तरीके इजाद कर रही है। इसमें स्टोर्स के मॉडल में बदलाव की योजना भी शामिल है।
यही नहीं, घाटे में चल रहे स्टोर्स को बंद करने और कर्मचारियों के लिए बिक्री टारगेट तय किए गए हैं। साथ ही रिटेल कंपनियों ने वेंडरों से क्रेडिट सीमा बढ़ाने की भी मांग की है।
वैसे, ज्यादातर रिटेल कंपनियों ने अपनी विस्तार योजनाओं को फिलहाल टाल दिया है, वहीं कुछ अपने स्टोर्स के मॉडल को बदल रही हैं।
अर्न्स्ट ऐंड यंग के पिनाकीरंजन मिश्रा का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए कंपनियां नई भर्तियों पर रोक लगा दी है।
आरपीजी समूह की स्पेंसर्स अपने स्टोर्स के आकार को बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि ज्यादा मात्रा में माल और वैरायटी उपलब्ध करा खरीदारों को आकर्षित किया जा सके।
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 35 हाइपर मार्केट खोलने की योजना बनाई थी, जिसकी संख्या अब बढ़ाकर 50 कर दी गई है।
स्पेंसर्स के उपाध्यक्ष (मार्केटिंग) समर शेखावत का कहना है कि कंपनी अपने स्टोर के मॉडल में बदलाव लाने की योजना बना रही है।
उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में छोटे स्टोरों की तुलना में हाइपर मार्केट अच्छा कारोबार कर रहे हैं। यही वजह है कि कंपनी अब हाइपर मार्केट की ओर ध्यान केंद्रित कर रही है।
इसके साथ ही कंपनी ने पश्चिम बंगाल और केरल में घाटे में चल रहे अपने 50 स्टोरों के स्थान में भी बदलाव किया है। यानी घाटे या कम मुनाफे में चलने वाले स्टोरों को हटाकर उसे फायदेमंद जगह पर स्थापित कर रही है।
सुभिक्षा और वीडियोकॉन अपनी नई रिटेल योजनाओं पर फिर से विचार कर रही है। सुभिक्षा की योजना किफायती दामों वाले अपने मौजूदा स्टोरों के अलावा अब कंज्यूमर डयूरेबल्स स्टोर खोलने की है।
किशोर बियाणी के फ्यूचर ग्रुप ने भी महंगे किराए और बिक्री में आ रही गिरावट की वजह से अपने कुछ स्टोरों के स्थान में परिवर्तन किया है।
विशाल रिटेल भी अपने स्टोर्स के स्थानों में बदलाव ला रही है। हालांकि कंपनी के अध्यक्ष अंबीक खेमका का कहना है कि कंपनी के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की है।