सुब्रत रॉय की कंपनी सहारा इंडिया इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लि. (एसआईआईसी) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कारोबार छोड़ने का फैसला किया है।
यह कंपनी गैर-जमा एनबीएफसी थी, जिसने इस व्यापार को छोड़ कर रियल एस्टेट के कारोबार में जाने का फैसला किया है।
कंपनी के एक कार्यकारी ने कहा कि सहारा समूह अपने रियल एस्टेट व्यापार का पुनर्गठन कर रहा है और कुछ संपत्तियां सहारा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के दायरे में भी आती हैं, पर उसने ब्यौरा देने से यह कहते हुए मना कर दिया कि इसकी प्रक्रिया जारी है। यह कंपनी सहारा इंडिया फाइनैंशियल कॉरपोरेशन (एसआईआईसी) से अलग है।
एसआईआईसी रेजिडयूरी एनबीएफसी है, जो सार्वजनिक जमा स्वीकार करती है और जो पिछले कुछ समय से रिजर्व बैंक की निगरानी में है। एक बयान में रिजर्व बैंक ने कहा कि पिछली 11 अगस्त को उसने एसआईआईसी का पंजीकरण रद्द कर दिया।