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मांग बढऩे पर रेमडेसिविर के उत्पादन में तेजी

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Last Updated- December 12, 2022 | 6:06 AM IST

दिग्गज दवा कंपनियां, प्रमुख ऐंटीवायरल दवा रेमडेसिविर की अधिक खुराक का उत्पादन करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोक रही हैं क्योंकि भारत में कोविड-19 संक्रमण के रोजाना दर्ज किए जाने वाले मामले नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। कम से कम चार कंपनियां हेटेरो, कैडिला हेल्थकेयर (जायडस कैडिला), माइलन और सिप्ला ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से इस बात की पुष्टि की है कि वे जल्द ही इस दवा का उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
जायडस कैडिला के अध्यक्ष पंकज पटेल ने कहा कि रोजाना रेमडिसिविर की 30,000 शीशियां तैयार की जाती हैं जिसकी मात्रा दोगुनी करने की योजना बनाई जा रही है। पटेल ने कहा, ‘अगले कुछ हफ्तों में मौजूदा उत्पादन दोगुना हो जाएगा। हम अब रोजाना 30 हजार शीशियां बना रहे हैं। दवा की मांग बढ़ रही है और हम यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आपूर्ति में कोई कमी न हो।’ जायडस ने हाल ही में अपने रेमडेसिविर बांड रेमडैक की कीमतें घटा कर 899 रुपये प्रति खुराक तक कर दी थी। एक मरीज को आम तौर पर पूरे कोर्स के लिए छह खुराक की आवश्यकता होती है।
मुंबई की कंपनी सिप्ला भी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि मांग-आपूर्ति में असंतुलन न हो। सिप्ला के वैश्विक मुख्य वित्तीय अधिकारी केदार उपाध्याय ने कहा, ‘हम जितना संभव हो स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं और अभी तक अधिकांश ऑर्डर की पूर्ति की जा चुकी है।’ हैदराबाद मुख्यालय वाली कंपनी हेटेरो भी भारत में रेमडेसिविर लॉन्च करने वाली पहली कंपनियों में से एक है और यह अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए काम करने के साथ ही अब तक रोजाना शीशियों की भी आपूर्ति कर रही है। बेंगलूरु की कंपनी माइलैन भी सरकार के साथ सहयोग करते हुए आपूर्ति में तेजी ला रही है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम सरकार के साथ साझेदारी करते हुए आपूर्ति में तेजी लाने का काम कर रहे हैं।’

सरकारी दफ्तरों में संख्या आधी करने का निर्देश
उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जहां रात्रि कफ्र्यू लगाया गया है, वहीं सरकारी दफ्तरों में केवल आधे कर्मचारियों को काम पर आने को कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर नगर में बढ़ते संक्रमण के मामलों पर लगाम लगाने के लिए इन चार जिलों के सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी मानव संसाधन की क्षमता के साथ काम किए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। बीएस

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First Published - April 9, 2021 | 11:46 PM IST

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