रिलायंस रिटेल होगी वैश्विक

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 4:48 AM IST

जियो प्लेटफॉर्म के बाद उद्योगपति मुकेश अंबानी के लिए अगला निवेश दांव रिलायंस रिटेल होगा। बुधवार को देश के सबसे अमीर भारतीय और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी रिटेल इकाई में बड़े वित्तीय निवेशक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 63 वर्षीय अंबानी ने कहा, ‘हम अगली कुछ तिमाहियों में रिलायंस रिटेल में वैश्विक भागीदारों और निवेशकों को शामिल करने में सफल रहेंगे।’
दुनिया के प्रमुख 100 रिटेलरों की सूची में शामिल रिलायंस रिटेल का वित्त वर्ष 2019-20 में कारोबार 1.62 लाख करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया था, जो देश की दूसरी सबसे बड़े रिटेलर फ्यूचर गु्रप से काफी ज्यादा है।
आरआईएल की रिटेल इकाई मौजूदा समय में 6,600 शहरों में 2.87 करोड़ वर्ग फुट के क्षेत्र में करीब 12,000 स्टोरों का संचालन करती है। तुलनात्मक रूप से, फ्यूचर गु्रप 400 शहरों में करीब 1.6 करोड़ वर्ग फुट के क्षेत्र में 2,000 आउटलेटों का परिचालन करता है।
विश्लेषकों के अनुसार फ्यूचर समूह का सालाना कारोबार 30,000 करोड़ रुपये का है, हालांकि कर्ज से जुड़ी चिंताओं और प्रवर्तकों द्वारा समूह इकाइयों में शेयरों को गिरवी रखे जाने से फ्यूचर गु्रप के संस्थापक किशोर बियाणी को हाल के महीनों में अपने व्यवसाय के लिए खरीदार तलाशने के लिए बाध्य होना पड़ा है।
फ्यूचर रिटेल में प्रेमजीइन्वेस्ट का करीब 6 प्रतिशत स्वामित्व है, जबकि एमेजॉन की इसमें लगीाग 3.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
माना जा रहा है कि फ्यूचर समूह में हिस्सेदारी बिक्री के लिए बियाणी और अंबानी के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अभी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
अंबानी ने अपने एजीएम संबोधन में भी इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया और इसके बजाय उन्होंने अपने नए कॉमर्स उद्यम जियोमार्ट पर ध्यान केंद्रित किए जाने की बात कही।
अंबानी ने कहा कि जियोमार्ट की उपस्थिति मई में करीब 200 शहरों तक थी और उसने दैनिक ऑर्डर के संदर्भ में 250,000 का आंकड़ा पार किया है।
विश्लेषकों के अनुसार, जहां जियोमार्ट पर औसत ऑर्डर वैल्यू 500 रुपये प्रति लेनदेन पर अनुमानित है, वहीं अंबानी इस संख्या को बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वे इस प्लेटफॉर्म को ग्रोसरी के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, फार्मा और हेल्थकेयर जैसी श्रेणियों से जोडऩा चाहते हैं। कंपनी जियोमार्ट की पहुंच बढ़ाने के लिए फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप के साथ भी अपना संबंध मजबूत बनाएगी।
अंबानी ने कहा कि व्हाट्सऐप का भारत में उपयोगकर्ता आधार 40 करोड़ है और इससे जियोमार्ट की स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
व्हाट्सऐप के साथ मिलकर काम करने की जरूरत इसलिए भी महसूस हो रही है क्योंकि एमेजॉन और वॉलमार्ट समर्थित फ्लिपकार्ट ने देश में अपनी ग्रोसरी सेवाओं का विस्तार किया है। एमेजॉन और फ्लिपकार्ट दोनों ने पिछले कुछ महीनों में किराना स्टोरों को आकर्षित करने पर ध्यान दिया है। मंगलवार को, वॉलमार्ट ने भारत में अपनी उपस्थिति मजबूत बनाने के प्रयास में फ्लिपकार्ट में 1.2 अरब डॉलर का निवेश किया।
किराना और छोटे व्यवसायियों के अलावा, रिलायंस रिटेल अधिक उत्पाद खरीदने के लिए किसानों के साथ भी मिलकर काम करेगी।

First Published : July 16, 2020 | 12:27 AM IST