रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की इकाई रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड ने ब्रिटिश कंपनी फेडाडियन लिमिटेड की 100 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण 10 करोड़ पाउंड में करने की खातिर करार पर हस्ताक्षर किए हैं।
सोडियम आयन बैटरी टेक्नोलॉजी के पेटेंट के साथ फेराडियन दुनिया की अग्रणी बैटरी टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक है और उसके पास विभिन्न तरह की बैटरी टेक्नोलॉजी का पोर्टफोलियो है, जिसमें सोरियम आयन टेक्नोलॉजी के सारे पहलू शामिल हैं। रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर ने आज एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर इस इकाई में पूंजी के तौर पर 2.5 करोड़ डॉलर का और निवेश करेगी ताकि वाणिज्यिक तौर पर बैटरी उतारे जाने के काम तेजी आ सके।
रिलायंस इस कंपनी के अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अपने प्रस्तावित पूर्ण एकीकृत एनर्जी स्टोरेज गीगा फैक्टरी में करेगी, जो जामनगर में धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट का हिस्सा है। कंपनी ने यह जानकारी दी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के हवाले से कहा गया है, यह अत्याधुनिक व एकीकृत न्यू एनर्जी इकोसिस्टम बनाने की हमारी महत्वाकांक्षा को और मजबूत करेगा और हमारा इरादा भारत को बैटरी टेक्नोलॉजी में अग्रणी बनाने का है। फेराडियन की तरफ से विकसित सोडियम आयन टेक्नोलॉजी वैश्विक स्तर पर अग्रणी एनर्जी स्टोरेज व बैटरी समाधान मुहैया कराता है, जो सुरक्षित, टिकाऊ है और यह लागत प्रतिस्पर्धी भी है। इसके अतिरिक्त इसका इस्तेमाल भी कई जगह होता है।
लिंकलेटर्स एलएलपी ने इस सौदे में लीगल एडवाइजर और अन्स्र्ट ऐंड यंग ने लेखा व कर सलाहकार के तौर पर काम किया। कंपनी ने यह जानकारी दी।