भारत में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए जल्द ही एक नियामकीय अनुपालन व्यवस्था होगी। केंद्रीय बिजली, और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने आज कहा कि बिजली मंत्रालय एक नियामकीक अनुपालन विभाग बनाएगा, जो बिजली वितरण कंपनियों के लिए बने विभिन्न नियामकीय मानकों और उनके अनुपालन के साथ राज्य नियामक आयोगों पर नजर रखेगा। मंत्री ने बिजली नियामकों और नियामकों के मंच के साथ बात की है। इसके बाद विभिन्न नियामकीय मानकों के मानकों और मसलों पर काम किया जाएगा। ये मानक राज्य के आयोगों पर भी लागू होंगे।
ठेके संबंधी और नियामकीय मानकों के उल्लंघन की वजह से न सिर्फ इस क्षेत्र में निवेश पर विपरीत असर पड़ रहा है, बल्कि इसकी वजह से बिजली खरीद और बिक्री समझौतों का भी सम्मान नहीं हो रहा है। केंद्र का मानना है कि इस कदम से राज्य के आयोगों को सबसे बेहतर गतिविधि अपनाने में मदद मिलेगी और सुधारों व नियामकीय नीतियों को तेजी से लागू किया जा सकेगा। बिजली मंत्रालय संसाधन पर्याप्तता और बिजली खरीद के दिशानिर्देशों पर भी काम कर रहा है, जिससे लोड फ्लक्चुएशन संबंधी जरूरतों, कॉट्रैक्ट की शर्तों, मिली जुली ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा बाधाओं जैसे मसलों का समाधान हो सके।