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इंटरनेट मसले पर आर कॉम की खिंचाई

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Last Updated- December 09, 2022 | 9:40 AM IST

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आर कॉम) से इंटरनेट मुहैया कराने के लिए सबमैरीन केबल के नाकामयाब रहने पर बैंडविड्थ बहाल करने के कंपनी के प्रयासों की जानकारी मांगी है।


ट्राई के इस कदम की अहमियत तब और भी बढ़ गई जब 19 दिसंबर को अटलांटिक महासागर मार्ग पर चार सब-सी केबल सिसटमों के क्षतिग्रस्त हो गए। तब दूरसंचार कंपनियों ने प्रशांस-महासागर मार्ग के जरिये अपनी सेवाओं को जारी रखा।

24 दिसंबर, 2008 दिनांक वाले एक पत्र में नियामक ने आर कॉम से ‘इस तरह की नाकामयाबी के मामले में वैकल्पिक मार्गों के जरिये’ अपने ट्रैफिक को बांटने के लिए आर कॉम की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी भी मांगी है।

इस मामले पर आर कॉम के प्रवक्ता का कहना है कि अमने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने को सुनिश्चित करते हुए रिलायंस ग्लोबलकॉम के पास भारत के बार 6 विभिन्न केबल मार्ग मुहैया कराने की क्षमता है। इसके अलावा कंपनी ने भारती से उसके चेन्नई लैंडिंग स्टेशन में अपनी पहुंच बढ़ाने की मांग की है।

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First Published - December 26, 2008 | 10:45 PM IST

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