देश की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स की ओर से मंगलवार को अपनी दो सहयोगी कंपनियों के अधिग्रहण की घोषणा की गई, लेकिन बुधवार सुबह को कंपनी ने अपना इरादा बदल दिया।
कहा जा रहा है कि शेयरधारकों और निवेशकों की ओर से मिली तीखी प्रतिक्रिया की वजह से कंपनी को अपने पांव वापस खींचने पड़े।
उल्लेखनीय है कि सत्यम कंप्यूटर्स के चेयरमैन रामलिंग राजू के बेटों द्वारा प्रवर्तित कंपनी मायटास प्रॉपर्टीज और मायटास इन्फ्रास्ट्रक्चर के अधिग्रहण की घोषणा की गई थी।
शेयर बाजार को मंगलवार को बताया गया था कि सत्यम कंप्यूटर्स के निदेशक मंडल मायटास प्रॉपर्टीज के 100 फीसदी शेयरों की खरीद के लिए 1.3 अरब डॉलर और मायटास इन्फ्रास्ट्रक्चर के 51 फीसदी शेयरों के लिए 30 करोड़ डॉलर देने को तैयार हैं।
बाद में निवेशकों की प्रतिक्रिया की वजह से सत्यम के चेयरमैन ने यह सौदा रद्द कर दिया। राजू ने कहा कि हम इस फैसले पर बाजार की प्रतिक्रिया को देखकर चकित हैं, जबकि इस अधिग्रहण के बारे में हमारा विचार बहुत सकारात्मक था।
सौदे के रद्द होने से बंबई स्टॉक एक्सचेंज में सत्यम का शेयर 31.24 फीसदी गिरकर 155.75 रुपये रह गया, जबकि अमेरिकी बाजार में इसका एडीआर 54.50 फीसदी गिरकर 5.7 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
निवेशकों को खुश करने के लिए शेयरों की पुनर्खरीद प्रवर्तकों की कंपनियो को प्रोत्साहित करने वाले सौदे को रद्द करने के बाद अब सत्यम शेयर पुनर्खरीद या लाभांश के भुगतान के जरिए निवेशकों को खुश करने की योजना बना रही है।
कंपनी के सीएफ ओ वल्दामणि ने कहा कि कंपनी जल्द ही इस बारे में फैसला करेगी। कंपनी के पास 1.1 अरब डॉलर की अतिरिक्त नकदी है।
क्यों खफा हुए शेयरधारक?
मायटास इन्फ्रा में राजू की हिस्सेदारी करीब 36 फीसदी है
मायटास इन्फ्रा राजू के बड़े बेटे की कंपनी है
मायटास प्रॉपर्टी का प्रवर्तक राजू का छोटा बेटा है
सौदे में पारदर्शिता नहीं बरती गई
नकदी का कंपनी क्या करेगी?
कंपनी शेयरधारकों को बोनस या लाभांश दे सकती है
शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा कर सकती है
कहीं और अधिग्रहण की कंपनी कर सकती है तैयारी
कंपनी की छवि पर असर
शेयरधारक इस कवायद को जल्द भूलाने के मूड में नहीं
बीएसई में कंपनी के शेयर में 30.22 फीसदी की गिरावट
कंपनी के ग्राहक भी अनुबंधों की कर सकते हैं समीक्षा