facebookmetapixel
Advertisement
₹52,000 करोड़ की डिफेंस खरीद से इन 6 शेयरों की लग सकती है लॉटरी! ब्रोकरेज ने बताए टारगेटGold-Silver Price Today: भारत में लुढ़के सोने-चांदी के दाम, लेकिन विदेशी बाजार में कीमतों ने लगाई लंबी छलांगMidcap Funds: इन्फ्रा, सेमीकंडक्टर बूस्ट बने नए ग्रोथ इंजन, निवेश के लिए आगे क्या हो स्ट्रैटेजी?Health Insurance Claim करते समय न करें ये गलती, वरना जेब से भरना पड़ सकता है लाखों का बिलCrude Oil Price: कच्चा तेल फिर फिसला, OPEC+ के फैसले के बाद कीमतों पर बढ़ा दबावQ1 Results: Tata Technologies ने तय कर दी तारीख, अब बाजार को है ऐलान का इंतजारIT से रहें सावधान, बैंकिंग-हेल्थकेयर पर दांव! Tata AMC के CIO ने बताया कहां मिलेगा बेहतर रिटर्नशेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की दमदार वापसी! 6 महीने में लगाया ₹57,203 करोड़, जानें कहां दिख रहा भरोसामॉनसून ने बदली चाल! अब किसानों के लिए आई बड़ी राहत, तेजी से बढ़ सकती है खरीफ की बोआईसरकार के नए नियम से बैटरी कंपनियां परेशान! खुद रिसाइक्लिंग करने पर भी खरीदना पड़ रहा सर्टिफिकेट

साख बहाली में जुटी पीडब्ल्यू

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 8:17 PM IST

सत्यम मामले में दागी ऑडिटिंग कंपनी प्राइसवाटरहाउस अब साख बहाली में जुट गई है।
उसने इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के नोटिस के जवाब में साफ किया है कि इस घोटाले से उसकी बेंगलुरु शाखा ही जुड़ी थी और उसकी दूसरी शाखाओं पर अंगुली नहीं उठाई जा सकती। कंपनी ने 2 अन्य ऑडिटरों को भी दोषी करार दिया है।
फर्म के ऑडिटर एस गोपालकृष्णन और श्रीनिवास ताल्लुरी इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। प्राइस वाटरहाउस ने दो ऑडिटरों पी शिव प्रसाद और सीएच रवींद्रनाथ के नाम आईसीएआई को सौंपे हैं। गोपालकृष्णन आईसीएआई की परिषद के वरिष्ठ सदस्य हैं और ताल्लुरी भी आईसीएआई के प्रमुख सदस्य हैं।
फर्म ने कहा है कि सत्यम का ऑडिट बेंलगुरु शाखा ने किया था। दिल्ली और कोलकाता शाखाओं को इस मामले से अलग रखा जाए। इस मामले में आईसीएआई ने प्राइसवाटरहाउस कूपर्स को नोटिस भेजा था।
आईसीएआई अपने सदस्यों पर कार्रवाई कर सकता है, लेकिन किसी फर्म के खिलाफ नहीं। आईसीएआई सत्यम के तत्कालीन सीएफओ वाडलामणि श्रीनिवास और ऑडिट सेल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वी एस प्रभाकर गुप्ता के खिलाफ भी शिकंजा कसने को तैयार है।

Advertisement
First Published - March 17, 2009 | 9:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement