सत्यम मामले में दागी ऑडिटिंग कंपनी प्राइसवाटरहाउस अब साख बहाली में जुट गई है।
उसने इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के नोटिस के जवाब में साफ किया है कि इस घोटाले से उसकी बेंगलुरु शाखा ही जुड़ी थी और उसकी दूसरी शाखाओं पर अंगुली नहीं उठाई जा सकती। कंपनी ने 2 अन्य ऑडिटरों को भी दोषी करार दिया है।
फर्म के ऑडिटर एस गोपालकृष्णन और श्रीनिवास ताल्लुरी इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। प्राइस वाटरहाउस ने दो ऑडिटरों पी शिव प्रसाद और सीएच रवींद्रनाथ के नाम आईसीएआई को सौंपे हैं। गोपालकृष्णन आईसीएआई की परिषद के वरिष्ठ सदस्य हैं और ताल्लुरी भी आईसीएआई के प्रमुख सदस्य हैं।
फर्म ने कहा है कि सत्यम का ऑडिट बेंलगुरु शाखा ने किया था। दिल्ली और कोलकाता शाखाओं को इस मामले से अलग रखा जाए। इस मामले में आईसीएआई ने प्राइसवाटरहाउस कूपर्स को नोटिस भेजा था।
आईसीएआई अपने सदस्यों पर कार्रवाई कर सकता है, लेकिन किसी फर्म के खिलाफ नहीं। आईसीएआई सत्यम के तत्कालीन सीएफओ वाडलामणि श्रीनिवास और ऑडिट सेल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वी एस प्रभाकर गुप्ता के खिलाफ भी शिकंजा कसने को तैयार है।