अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट जारी होने के बाद ओएनजीसी ने सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी।
देश की इस सबसे बड़ी तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी ओएनजीसी ने कहा कि गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में बुनियादी तथ्यों को नजरअंदाज किया गया है। ओएनजीसी ने बीएसई को बताया कि यह रिपोर्ट गलत तथ्यों पर आधारित है।
इसमें न केवल बुनियादी चीजों को नजरअंदाज किया गया है, बल्कि यह तुलना न हो सकने वाले बेंचमार्कों के आधार पर बनाया गया है। कंपनी ने रिपोर्ट में जिक्र किए गए मुद्दों जैसे सब्सिडी, विदेशी कारोबार की रणनीति और स्टॉक प्रदर्शन के बारे में गोल्डमैन के आरोप को खारिज कर दिया।
ओएनजीसी के मुताबिक, सबसे चिंताजनक बात यह कि इसमें ओएनजीसी के कारपोरेट गवर्नेंस पर ही सवाल उठाए गए हैं। ओएनजीसी ने स्पष्ट किया कि उसके लिए कारपोरेट गवर्नेंस का मुद्दा हमेशा प्राथमिकता सूची में ऊपर रहा है। उसने जरूरी मुद्दों पर जरूरत से ज्यादा जानकारी सार्वजनिक किए हैं।
गोल्डमैन ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली भारत सरकार ने किसी भी शेयरधारक को कोई सूचना दिए बगैर पिछले छह महीने में कंपनी से 20 अरब डॉलर खींच लिए हैं।
ओएनजीसी ने बताया कि यह तथ्य गलत तथ्यों पर आधारित है। इसके लिए तुलना न हो सकने वाले बेंचमार्कों की मदद ली गई है। ओएनजीसी ने बताया कि पिछले छह साल में कंपनी ने 43 विदेशी संपत्तियां खरीदी हैं।