ओला के सीओओ और सीएफओ छोड़ेंगे कंपनी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 12:07 AM IST

ओला के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) स्वयं सौरभ और मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) गौरव पोरवाल कंपनी छोड़ रहे हैं। उद्योग के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब सॉफ्टबैंक समर्थित कंपनी की मुख्य राइड-हेलिंग इकाई शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी ने इस साल जुलाई में वारबर्ग पिनकस और टेमासेक से 50 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। इन निवेश कंपनियों ने इस चरण के लिए कंपनी के संस्थापक भविश अग्रवाल के साथ साझेदारी की थी।
हाल में कर्मचारियों को भेजे गए आंतरिक ईमेल में भाविश अग्रवाल ने कहा है, ओला ने एक साल में अपने मोबिलिटी कारोबार को बेहतर बनाया है, जो ज्यादा मजबूत व ढांचागत रूप से सक्षम है और यह मजबूत बढ़त व कोविड पूर्व के स्तर पर पहुंचने में सक्षम बना रहा है। अग्रवाल ने कहा, ओला कार्स ने अपना परिचालन तेजी से बढ़ाया है और हमारा डिलिवरी व वित्तीय सेवा कारोबार संक्रमण के अहम पड़ाव पर है। पत्र में कहा गया है, चूंकि हमारी नजर ओला की बढ़त के अगले चरण पर है, ऐसे में हम अपने संगठन को अहम जानकारी दे रहे हैं, जो आने वाले समय में उपलब्ध मौके को हासिल करने में हमेंं सक्षम बनाएगा। उन्होंंने कहा, हमारे डिलिवरी कारोबार को खड़ा करने वाले विनय ए भोपटकर कंपनी के मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के ड्राइवर व आपूर्ति की व्यवस्था की अतिरिक्त जिम्मेदारी लेंगे। यह हमें ड्राइवर के अनुभव व इस्तेमाल में सुधार में सक्षम बनाएगा। विपणन की अगुआई करने वाले अंशुल खंडेलवाल राजस्व को आगे बढ़ाने की अतिरिक्त जिम्मेदारी लेंगे।
अग्रवाल ने कहा, पिछले साल मोबिलिटी कारोबार का संचालन करने वाले और चुनौतीपूर्ण समय में मजबूत आधार तैयार करने वाले गौरव पोरवाल अन्य कार्य हेतु ओला छोड़ रहे हैं। हम उनके योगदान पर उन्हें धन्यवाद देते हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
अग्रवाल ने कहा, ओला के ग्रुप सीएफओ अरुण कुमार ने फर्म को काफी कम समय में वित्तीय रूप से मजबूत बनाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि फर्म की वित्तीय टीम काफी मजबूत है और यहां काफी प्रतिभाएं हैं, साथ ही पहले के मुकाबले ज्यादा कारोबारोन्मुखी भी। अग्रवाल ने कहा, अरुण कुमार समूह के वित्त का संचालन करते रहेंगे और ओला के वित्तीय विभाग के अहम अधिकारी अब सीधे उन्हें रिपोर्ट करेंगे। स्वयं सौरभ अन्य कार्य के लिए दिसंबर के मध्य में कंपनी छोड़ेंगे, हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
अग्रवाल ने कहा, अरुण श्रीदेशमुख ओला कार्स के सीईओ बने रहेंगे, जो फर्म का व्हीकल कॉमर्स बिजनेस है। नई भूमिका में उन्हें बधाई देने के लिए हमारे साथ जुडिय़े और साथ मिलकर भविष्य की मोबिलिटी बनाना जारी रखिये।
ये अधिकारी ऐसे समय ओला को छोड़ रहे हैं, जब कंपनी ने 2,400 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रिक वाहन इकाई की स्थापना समेत वृद्धि की नई योजनाएं बनाई हैं। यह इकाई विश्व की सबसे बड़ी दोपहिया फैक्टरी बनने के आसार हैं। ओला का राइड-हेलिंग कारोबार कारोनावायरस महामारी की चोट से उबर रहा है। साथ ही, इसके खाद्य कारोबार और वित्तीय सेवाओं की मांग में भी सुधार आ रहा है।
स्वयं सौरभ इस साल जून में कंपनी से जुड़े थे। उनके पास विभिन्न भूमिकाओं में दो दशकों का अनुभव था, जिनमें आंतरिक ऑडिट, जोखिम प्रबंधन, कारोबार एवं परिचालन प्रक्रिया सुधार और वित्तीय रिपोर्टिंग शामिल हैं। वह हिंदुस्तान जिंक, फिलिप्स, एशियन पेंट्स और लार्सन ऐंड टुब्रो समेत कई कंपनियों में काम कर चुके हैं। वह ओला की नेतृत्व टीम में उच्च वृद्धि वाले आवागमन कारोबार और तेज से बढ़ते वित्तीय सेवा एवं खाद्य कारोबार के सीएफओ के रूप में शामिल हुए थे। उनका जोर तगड़े शुद्ध लाभ समेत मजबूत वृद्धि पर था।
सौरभ ने कंपनी से जुड़ते समय कहा था कि ओला उपभोक्ता इंटरनेट क्षेत्र पर अहम असर डालने की विशिष्ट स्थिति में है। सौरभ ने इस साल जून में कहा था, ‘मैं उस टीम का हिस्सा बनने का मौका पाकर बहुत उत्साहित हूं, जो कंपनी की अगले चरण की लाभप्रद वृद्धि में मदद देगी।’
एक अन्य अधिकारी ओला के सीओओ गौरव पोरवाल पहले प्रोक्टर ऐंड गैंबल इंडिया में वैज्ञानिक और स्पर्श नेफ्रोकेयर के सह-संस्थापक थे। वह आईआईटी बॉम्बे में ओला के भविश अग्रवाल से कुछ साल वरिष्ठ थे। वह कंपनी से 2019 में जुड़े थे। इस साल की शुरुआत में उन्होंने ओला के संस्थापक साझेदार प्रांजय जीवराजका की अंतरिम अवधि में जगह ली थी। सूत्रों के मुताबिक जीवराजका ने अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए यह राइड-हेलिंग कंपनी छोड़ी थी। जीवराजका भी आईआईटी बॉम्बे से पढ़े हुए हैं। वह कंपनी के शुरुआती कर्मचारियों में से एक थे। वह वर्ष 2013 तक परिचालन के एवीपी थे। बाद में उन्हें वर्ष 2015 में मुख्य परिचालन अधिकारी, 2017 में संस्थापक साझेदार और उसी साल ओला फूड्स का सीईओ बनाया गया। ओला फूड्स के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) के रूप में जीवराजका की अगुआई में कंपनी का नए कारोबार कोरोनावायरस महामारी में बढ़ा।
ओला के एक अन्य अधिकारी पुनीत भैरानी ने भी इस साल अप्रैल में कंपनी को अलविदा कहा था।

First Published : October 19, 2021 | 11:40 PM IST