सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज की बिक्री का रास्ता साफ हो गया है।
कंपनी का दावा है कि उसे 51 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत 31 फीसदी हिस्सेदारी तरजीही आवंटन और 20 फीसदी हिस्सेदारी खुली पेशकश के जरिये बेची जाएगी।
अगर खरीदार दोनों तरीकों से 51 फीसदी हिस्सेदारी हासिल नहीं कर पाता है, तो भी उसके पास नए जारी शेयर खरीदने का अधिकार होगा। लेकिन वह 3 साल तक अपने हिस्से के शेयर नहीं बेच सकेगा। इस बोली प्रक्रिया में कम से कम 15 करोड़ डॉलर (लगभग 750 करोड़ रुपये) की हैसियत वाली कंपनियां ही शामिल हो सकती हैं।
सत्यम बोर्ड के सदस्य दीपक पारेख ने शुक्रवार को कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता के साथ मुलाकात कर इसका ऐलान किया। पारेख ने कहा कि 51 फीसदी हिस्सेदारी एक वैश्विक बोली प्रक्रिया के जरिये बेची जाएगी। पारेख के अलावा बोर्ड के एक अन्य सदस्य तरुण दास ने भी गुप्ता से मुलाकात की।
इस बाबत गुप्ता ने कहा, ‘बोली प्रकिया जल्द ही शुरू होगी। इसके लिए बहुत तेजी से काम हो रहा है। उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे ताकि बोली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।’ उन्होंने कहा कि अगर बोली लगाने वाली किसी कंपनी को किसी भी तरह का संदेह हो तो वह सत्यम के बोर्ड या सरकार से स्पष्टीकरण के लिए संपर्क कर सकती है।
बोली प्रक्रिया से संबंधित विवरण जल्द ही जारी किया जाएगा। इस खबर से बंबई स्टॉक एक्सचेंज में सत्यम के शेयरों में 20 फीसदी तक की तेजी आई और यह शुक्रवार को 42.10 रुपये पर बंद हुआ। जो कंपनियां सत्यम को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रही हैं, उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है।
इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो (एल ऐंड टी) के अध्यक्ष ए एम नाइक ने एक समाचार एजेंसी से कहा, ‘हम सबसे पहले तैयार दस्तावेज को देखना चाहेंगे, उसके बाद ही इस मामले में आगे बढ़ा जाएगा। ‘
हिंदुजा के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रबल बनर्जी ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे कंपनी को उबरने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया का ब्यौरा मिलने के बाद ही उनकी कंपनी बोली लगाने पर विचार करेगी।
कंपनी द्वारा नियुक्त निवेश बैंकर अवेंडस और गोल्डमैन सैक्स इस मामले में अपने मोर्चे पर डट गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में 75 दिन तक का वक्त लग सकता है।
सेबी की मंजूरी
31 फीसदी हिस्सेदारी बिकेगी तरजीही शेयरों के जरिये
खुली पेशकश में खरीदनी होगी 20 फीसदी हिस्सेदारी
खरीदारी के लिए 750 करोड़ रुपये की हैसियत जरूरी
कैसे बनी कहानी
6 मार्च: सत्यम की 51 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को सेबी ने दी मंजूरी
5 फरवरी: सत्यम के नये सीईओ और सलाहकार के नाम तय
3 फरवरी: सेबी को राजू से सवाल की अनुमति
28 जनवरी: राजू बंधुओं को नहीं मिली जमानत
19 जनवरी: मायटास भी जांच के घेरे में
18 जनवरी: राजू पुलिस हिरासत में भेजे गए
15 जनवरी: सत्यम को राहत देने से सरकार ने कर दिया इनकार
14 जनवरी: जांच सौंपी गई गंभीर धोखाधड़ी विभाग को
14 जनवरी: सत्यम खातों की जांच नए ऑडिटरों को
10 जनवरी: राजू पहुंचे जेल, सत्यम के अन्य अधिकारी भी गिरफ्तार
9 जनवरी: राजू हिरासत में, नया बोर्ड बनाने का हो गया फैसला
7 जनवरी: राजू ने कबूली 7,000 करोड़ रुपये की धांधली