नीविया इंडिया इस साल कुछेक उत्पादों को ही लॉन्च करेगी।
इसके बजाए कंपनी ने अपने मौजूदा उत्पादों, खास तौर पर फेस केयर रेंज और डियोडेरेंट, पर फोकस करने का फैसला किया है। वजह है बाजार में मंदी का महौल। नीविया इंडिया, जर्मन एफएमसीजी कंपनी, बेयर्सडॉर्फ की सहयोगी कंपनी है।
कंपनी के मार्केटिंग प्रमुख सोम घोष ने बताया कि, ‘बाजार के हाल को देखते हुए हम पिछले साल की तर्ज पर आक्रमक तरीके से उत्पादों को लॉन्च करने के बजाए अपने ब्रांड को मजबूत पर ज्यादा ध्यान देंगे।’
कंपनी अपनी कमाई का 40-50 फीसदी हिस्सा विज्ञापनों और मार्केटिंग पर खर्च करती है। पिछले साल कंपनी ने अपनी डियोडेरेंट की रेंज लॉन्च की थी। साथ ही, उसने मेन्स व्हाइटनिंग ऑयल कंट्रोल के साथ-साथ कई फेस क्रीम्स को भी लॉन्च किया था।
इसके अलावा, कंपनी ने अपने कोल्ड क्रीम और लिप केयर उत्पादों को भी लॉन्च किया था। इन नए उत्पादों की वजह से कंपनी ने 2008 में 100 करोड़ रुपये की कमाई की थी। मतलब, 2007 के मुकाबले कंपनी ने पिछले साल 130 फीसदी का विकास किया था।
वैसे, कंपनी अब अपने वैश्विक ब्रांडों को भारत में उतरने की संभावनाओं के बारे में भी विचार कर रही है। कंपनी के दुनिया भर में 1600 से ज्यादा उत्पाद हैं, लेकिन इसने भारत में सिर्फ 75 उत्पादों को ही उतारा है।
घोष ने बताया कि, ‘हम अब अपने वैश्विक उत्पादों के भंडार में से सन-प्रोटेक्शन और एंटी-एजिंग उत्पादों को भारत में उतारने के बारे में विचार कर रहे हैं। हालांकि, हमने अब भी इस बारे में फैसला नहीं किया है कि भारत में इनकी कीमत क्या रखी जाएगी। दूसरे मुल्कों में इन्हें आम आदमी के ब्रांड के तौर पर पेश किया गया है।’
उनका कहना है कि चूंकि भारत में नीविया एक प्रीमियम ब्रांड है, तो इन नए उत्पादों की कीमत भी इसी बात को ध्यान में रखते हुए तय की जाएगी। एसी नेलशन के आंकड़ों के मुताबिक शहरी भारत में नीविया की विसेज स्पार्किंल ग्लो रेंज की बाजार में हिस्सेदारी बढ़कर 3.5 फीसदी हो गई है। इस बाजार में मौजूद दूसरे खिलाड़ी गार्निअर, पॉन्ड्स और ओले हैं। यह कैटेगरी 85 फीसदी की रफ्तार से प्रीमियम बाजार में बढ़ती जा रही है।
आज की तारीख में नीविया के 80 फीसदी उत्पाद आयतित होते हैं। नीविया के साबुन तीसरे पक्ष की तरफ से बनकर आते हैं। घोष का कहना है कि, ‘पिछले दो महीनों में हमने अपने उत्पादों की कीमत में दो-तीन फीसदी का इजाफा किया है। हालांकि, जब भी परिचालन कीमतों में गिरावट आएगी, इसका फायदा हम अपने उपभोक्ताओं तक भी पहुंचा देंगे।’