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वोडा-आइडिया को नई पहचान

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Last Updated- December 15, 2022 | 2:31 AM IST

देश के दो लोकप्रिय दूरसंचार ब्रांड वोडाफोन और आइडिया ने दो नाम छोड़कर ‘वी’ (वीआई) नाम से अपनी नई ब्रांंड पहचान का आज अनावरण किया। वोडाफोन इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी रविंदर टक्कर ने कहा, ‘दो साल पहले वोडाफोन आइडिया का विलय हुआ था। उस समय से दोनों अपने बड़े नेटवर्क, लोगों तथा प्रक्रियाओं के एकीकरण पर ध्यान दे रहे थे। आज ‘वी’ नाम से एकीकृत ब्रांड का अनावरण करते हुए मुझे खुशी हो रही है।’
ओगिल्वी के भारत में कार्यकारी चेयरमैन और मुख्य क्रिएटिव अधिकारी (वल्र्डवाइड) पीयूष पांडे ने कहा कि नए ब्रांड को ‘वी’ नाम दिया गया है, जिसे विलय के रूपक के तौर पर दर्शाया गया है। ओगिल्वी ने ही वोडाफोन आइडिया के इस नए ब्रांड को तैयार किया है।
पांडे ने कहा, ‘वोडाफोन और आइडिया के पहले वर्ण का उपयोग कर ‘वी’ ब्रांड बनाया गया है, जो एकीकरण को सही तरीके से दर्शाता है। दो ब्रांडों को एकसाथ लाने का यह बेहतरीन तरीका है। हालांकि यह लोगों को तय करना है कि यह विज्ञापन सही है या नहीं।’
वोडा आइडिया ने आने वाले दिनों में 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। हालांकि विशेषज्ञों ने चेताया कि प्रतिस्पर्धी बाजार में नई ब्रांड पहचान बनाना आसान नहीं होगा।
निहिलेंट हाइपकलेक्टिव के वैश्विक मुख्य कार्याधिकारी केवी सुधीर ने कहा, ‘कागज पर वी दोनों ब्रांडों को एकीकृत करने के लिहाज से अच्छा प्रयास है। लेकिन दूरसंचार बाजार कीमतों को लेकर बेहद संवेदनशील है। इसमें देखा जाता है कि ऑपरेटर ग्राहकों को उसकी कीमत का कितना मूल्य प्रदान करते हैं और यही मायने रखता है।’
विलय के वक्त वोडाफोन आइडिया देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी थी, लेकिन पिछले दो वर्षों के दौरान इसने अपनी बाजार हिस्सेदारी रिलायंस जियो के हाथों गंवा दी है। इस वक्त जियो के करीब 40 करोड़ उपभोक्ता हैं और कंपनी उन्हें काफी सस्ती दरों पर कॉल एवं डेटा सुविधाएं मुहैया कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जियो की बदौलत देश में आम लोगों तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पहुंची हैं, साथ ही उपभोक्ताओं तक इसने किफायती मोबाइल हैंडसेट भी पहुंचाया है। भारती एयरटेल इस समय जियो की सबसे प्रमुख प्रतिस्पर्धी कंपनी है। इसने स्वयं को बाजार में एक ऐसे ब्रांड के तौर पर विकसित किया है, जो लोगों की बातें सुनती हैं और नेटवर्क से जुड़ी उनकी शिकायतों का समाधान तुरंत करती है।
टाइडल7 ब्रांड ऐंड डिजिटल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी के एस चक्रवर्ती का कहना है कि ‘वी’ को अब एयरटेल और जियो दो मजबूती प्रतिस्पद्र्धी कंपनियों के बीच अपनी पहचान स्थापित करने के लिए एक अनोखी नीति अपनानी होगी। वह कहते हैं, ‘अगर ‘वी’ को बाजार में टिकना है तो इसे अपने आप को बिल्कुल अलग तरीके से पेश करना होगा। इसकी एक प्रतिस्पर्धी कंपनी जियो लोगों को सस्ती कॉल एवं डेट सुविधाएं दे रही हैं, वहीं एयरटेल नेटवर्क से जुड़े मुद्दे जल्द से जल्द दूर कर ग्राहकों का दिल जीतने में लगी है। ऐसे में स्वयं की एक अलग पहचान बनाना ‘वी’ के लिए आसान नहीं होने जा रहा है।’ हालांकि इन तमाम चुनौतियों के बाद भी ऐसा लगता है कि वोडाफोन आइडिया स्वयं की एक अलग पहचान बनाने की मन में ठान ली है।

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First Published - September 7, 2020 | 11:10 PM IST

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