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कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार की जरूरत

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:25 AM IST

सत्यम फर्जीवाड़े के बाद कॉरपोरेट गवर्नेंस भारतीय उद्योग जगत के लिए अहम मसला बन गया है।
वैश्विक कंसल्टेंसी फर्म केपीएमजी की रिपोर्ट मुताबिक, कॉरपोरेट गवर्नेंस नियमों की समीक्षा और इसे सख्ती से लागू करने पर ध्यान देने की जरूरत है।
कई कंपनियों का भी मानना है कि कॉरपोरेट गवनर्ेंस के क्लॉज 49 में सुधार संभावना है, जिसकी निगरानी सेबी की ओर से की जाती है।
सेबी के क्लॉज 49 के मुताबिक, सभी सूचीबद्ध कंपनियों को अपने बोर्ड में 50 फीसदी स्वतंत्र निदेशकों को रखना अनिवार्य है। 73 फीसदी का मानना है कि रिस्क मैनेजमेंट में सुधार आनी चाहिए।

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First Published - May 6, 2009 | 11:11 PM IST

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