उपभोक्ता अदालत के आदेश के बावजूद पेप्सी, बिसलेरी, कोका कोला और टाटा टी जैसी फूड और ब्रेवरेज कंपनी 1 लीटर बोतलबंद पानी की कीमत 13-40 रुपये वसूल रही हैं।
अदालत एक लीटर बोतलबंद पानी की 12 रुपये से अधिक कीमत को ‘अनुचित व्यापार गतिविधि’ करार दे चुकी है। पेप्सीको के एक्वाफिना ब्रांड को ही लें। कंपनी इसकी कीमत 14.75 रुपये वसूल रही है। कोका कोला का किनले और बिसलेरी इंटरनैशनल का बिसलेरी ब्रांड 13 रुपये में मिल रहा है।
टाटा टी की सहायक कंपनी माउंट एवरेस्ट का हिमालयन ब्रांड 20 रुपये में उपलब्ध है। नारंग समूह तो ‘क्वा’ ब्रांड को 40 रुपये में बेच रहा है। मार्च की शुरुआत में उपभोक्ता अदालत ने 12 रुपये से अधिक पर मिनरल वाटर बेचने को अनुचित ठहराया था। दिल्ली उपभोक्ता अदालत में वीरेंद्र सिंह नामक उपभोक्ता ने 2007 में इन कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग के प्रमुख न्यायमूर्ति जे. डी. कपूर ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि सामान्य पानी को मिनरल वाटर में बदलने की प्रकिया, उसकी शुद्धता और गुणवत्ता भी समान ही है। ऐसे में 12 रुपये से अधिक वसूलना अनुचित है।
टाटा टी ने दलील दी थी कि उसके हिमालयन ब्रांड का पानी हिमालय के झरने का होता है, इसलिए इसकी कीमत 20 रुपये है। कपूर ने टाटा टी की दलील खारिज कर दी और कहा कि पानी का स्रोत क्या है, इसका जिक्र बेमानी है। इसके अलावा, न्यायालय ने टाटा टी को सुझाव दिया कि वह इस ब्रांड को मिनरल वाटर कहने की बजाय ‘स्प्रिंग वाटर’ कहे।
ऐसे पानी को मिनरल वाटर कहने से उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। हालांकि टाटा टी के प्रवक्ता ने न्यायलय के फैसले या कंपनी की आगामी रणनीति पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पेप्सीको ने भी एक्वाफिना की कीमत के बारे में जवाब नहीं दिया। वहीं कोका कोला के प्रवक्ता ने कहा कि वह 1 लीटर किनले की कीमत 13 रुपये ही रखेगी।
बिसलेरी इंटरनैशनल के अध्यक्ष रमेश चौहान ने भी कहा कि 1 लीटर बिसलेरी की कीमत 13 रुपये ही रहेगी। हालांकि चौहान परिवार की ही कंपनी पारले एग्रो अपने बेली ब्रांड को 12 रुपये में बेच रहा है। मजमूदार ऐंड कंपनी इंटरनैशनल के पार्टनर अनूप नारायणन ने बताया,’अदालत का फैसला कीमत तय करने के निर्माता के अधिकार में दखल जैसा है।’