ऐसे वक्त जब कंपनियों को 2009 में अपने निर्यात में गिरावट का भय सता रहा है, दिग्गज यूटीलिटी व्हीकल (यूवी) निर्माता महिंद्रा ऐंड महिंन्द्रा (एमऐंडएम) अपनी नई जाइलो के लिए वैश्विक बाजारों से 20 फीसदी की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित कर रही है।
जाइलो को जनवरी, 2009 में लॉन्च किया जाना है। कंपनी तीन और नए मॉडलों के लॉन्च की योजना भी बना रही है और ये सभी स्पोट्र्स यूटीलिटी व्हीकल (एसयूवी) 2010 के मध्य में पेश किए जाएंगे।
एमऐंडएम लिमिटेड के अध्यक्ष (वाहन क्षेत्र) पवन गोयनका ने कहा, ‘हम इसे एसयूवी नाम से पहले भारत में लॉन्च करेंगे और हमने बाद में इसे अमेरिकी बाजार में उतारने की योजना बनाई है।’
जाइलो के लॉन्च के 2 से 3 महीने के अंदर कंपनी इस मॉडल को दक्षिण अफ्रीका के लिए निर्यात करना शुरू कर देगी और बाद में इस वाहन को आसियान देशों को भी निर्यात किया जाएगा।
गोयनका ने कहा, ‘जाइलो का लेफ्ट-हैंड ड्राइव वर्जन आने में लगभग एक साल का वक्त लगेगा और इसके बाद हमारी योजना ब्राजील, चिली और पश्चिम एशियाई देशों और कुछ अफ्रीकी देशों में इस वाहन का निर्यात करने की है।’
जाइलो एमऐंडएम के नासिक संयंत्र में तैयार की जाएगी जहां महिंद्रा और रैनो के संयुक्त उपक्रम की कार लोगान का भी निर्माण किया जाता है।
इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता सालाना दो लाख वाहनों की है। कंपनी की योजना जाइलो की शुरुआती उत्पादन क्षमता 25,000 वाहन रखने की है, जिसे जरूरत को देखते हुए बढ़ाया भी जा सकता है।
कंपनी की योजना पहले इसी महीने दिसंबर में जाइलो को पेश करने की थी, लेकिन मुंबई में हुए आतंकी हमलों के चलते कंपनी ने नए मॉडल को बाजार में उतारने की अपनी योजना को जनवरी, 2009 के लिए टाल दिया था।