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ओएनजीसी के दो प्रमुख क्षेत्रों पर कोविड का साया

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Last Updated- December 15, 2022 | 9:16 AM IST

सरकारी तेल एवं गैस उत्खनन कंपनी ओएनजीसी ने पश्चिमी घाट के अपने दो ड्रिलिंग रिग का परिचालन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है क्योंकि वहां काम करने वाले 54 कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं जबकि एक कर्मचारी की मौत हो गई है। ये दोनों रिग कंपनी की दो महत्त्वपूर्ण परिसंपत्तियों- मुंबई हाई और बेसिन का हिस्सा हैं।
कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि केवल दो रिगों का परिचालन अस्थायी तौर पर बंद किया गया है जबकि शेष 34 रिग परिचालन में हैं। उन्होंने कहा कि इससे कंपनी के उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
मुंबई हाई को बॉम्बे हाई के रूप में भी जाना जाता है और यह एक अपटतीय तेल क्षेत्र है जो मुंबई तट से लगभग 160 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित है। इस क्षेत्र की खोज 1974 में हुई थी जबकि यहां से उत्पादन 1976 में शुरू हुआ था। इसे मुख्य तौर पर तेल उत्पादन के लिए जाना जाता है। इसमें दो ब्लॉक मौजूद हैं- मुंबई हाई नॉर्थ और मुंबई हाई साउथ। मुंबई हाई रोजाना करीब 1,70,000 बैरल तेल और रोजाना करीब 1.2 लाख घन मीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन करता है। दूसरी ओर, बेसिन क्षेत्र को बसई क्षेत्र भी कहा जाता है और यह मुंबई तट से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है। इसे भारत का एक सबसे बड़ा गैस क्षेत्र के तौर पर जाना जाता है। इस क्षेत्र की खोज 1976 में हुई थी और यहां से उत्पादन 1988 में शुरू हुआ था।
अरब सागर में करीब 7,300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत इस क्षेत्र में साउथ बेसिन क्षेत्र, एनबीपी (डी-1) क्षेत्र, बी-193 सुपर सॉर फील्ड, वसई ईस्ट फील्ड और सी-सीरीज एवं दमन गैस क्षेत्र शामिल हैं। बेसिन क्षेत्र रोजाना करीब 3.2 लाख घन मीटर प्राकृतिक गैस और 60 हजार बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है।
ओएनजीसी ने दावा किया है कि कंपनी सभी मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए काम कर रही है और कर्मचारियों को सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए परिचालन जारी रखने के बारे में पर्याप्त जानकारी दी गई है। दिलचस्प है कि ओएनजीसी के कर्मचारी संगठन ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि उचित दिशानिर्देशों के अभाव में कोविड संक्रमण फैल गया है। लॉकडाउन के दौरान मुंबई अपतटीय क्षेत्र के कर्मचारी लगातार पांच सप्ताह तक काम करते रहे और लॉकडाउन संबंधी प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद ही ओएनजीसी ने अपने कर्मचारियों को वहां से मुंबई लाने के लिए चार्टर उड़ानों की व्यवस्था की थी।
कोविड-19 प्रकोप की रोकथाम के लिए किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण कंपनी के कुल उत्पादन को झटका लगा था। अप्रैल में कंपनी के प्राकृतिक गैस का उत्पादन में 15 फीसदी की कमी आई जबकि कच्चे तेल के उत्पादन में अप्रैल 2019 के मुकाबले 0.5 फीसदी की गिरावट आई।

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First Published - June 22, 2020 | 11:53 PM IST

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