जेट एयरवेज का घाटा बढ़ा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 4:05 AM IST

दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत पहुंची जेट एयरवेज का घाटा मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष में और बढ़कर 5,535.75 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का खर्च बढऩे से उसका घाटा बढ़ा है। पूर्ण विमानन सेवाएं देने वाली जेट एयरवेज के विमानों की उड़ाने पिछले साल अप्रैल से बंद हैं। कंपनी का एकल घाटा 766.13 करोड़ रुपये रहा था। यह एकल आधार पर हुए वृहद घाटे के आंकड़े हैं। वर्ष 2018- 19 में एयरलाइन की कुल आय एक साल पहले के मुकाबले घटकर 23,314.11 करोड़ रुपये रह गई। वहीं इससे पिछले साल कंपनी ने 23,958.37 करोड़ रुपये का कारोबार किया। एक नियामकीय सूचना में यह कहा गया है। इस दौरान ईंधन के दाम बढऩे से कंपनी का कुल खर्च बढ़ता हुआ 28,141.61 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले साल अप्रैल में परिचालन बंद करने के बाद कंपनी जून 2019 में कार्पाेरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत चली गई। विमानन कंपनी के वित्तीय लेखा जोखा पर कंपनी के समाधान पेशेवर अशीष छाउछरिया के हस्ताक्षर हैं। नियामकीय सूचना में उन्होंने यह भी कहा है कि वह कंपनी के एकीकृत वित्तीय परिणाम उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं है। कंपनी की अनुषंगी कंपनियां अलग इकाई हैं और वर्तमान में परिचालन में भी नहीं है। ऐसे में इन अनुषंगी कंपनियों से संबंधित आंकड़े प्राप्त करने में बहुत मुश्किलें आ रहीं हैं। जेट एयरवेज के वर्ष 2018- 19 के वित्तीय परिणाम मंगलवार की रात को शेयर बाजारों को उपलब्ध करा दिए गए।

 

First Published : July 30, 2020 | 12:05 AM IST