facebookmetapixel
Advertisement
दोपहिया वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी, ओवर-स्पीडिंग अलर्ट से रिफ्लेक्टिव टायर तक नए नियमRBI की अगली दर चाल पर सस्पेंस, MPC सदस्य बोले- महंगाई बढ़ी तो रीपो रेट पर फिर विचारबंगाल की खाड़ी में जहाज हादसा, 22 नाविकों की तलाश में जुटी नौसेना-तटरक्षक बलफ्रंट-रनिंग मामले में केतन पारिख को झटका, सैट ने अपील खारिज कीआर्थिक उदारीकरण के 35 साल: जिस विदेशी प्रतिस्पर्धा से डरा बॉम्बे क्लब, उसी देसी समूहों ने कैसे बनाया दबदबाभारत को उर्वरक निर्यात बढ़ाने को तैयार रूस, 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्यपैसिव फंड्स में बढ़ा इंडेक्स फंड का दबदबा, 5 साल में AUM 74% CAGR से बढ़ाEditorial: मोबाइल टैरिफ बढ़ने के संकेत, 5G निवेश और बेहतर सेवाओं के लिए ARPU बढ़ाना जरूरीREC जारी करेगा भारत का पहला टोकनयुक्त कॉरपोरेट बॉन्ड, खरीद में इस्तेमाल होगी डिजिटल करेंसीहाई यील्ड की मांग का असर: PFC ने वापस लिया 3 साल का बॉन्ड इश्यू, 15 साल के बॉन्ड से जुटाए ₹2500 करोड़

टीसीएस, इन्फोसिस पर भरोसा बरकरार

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 10:05 PM IST

सेंसेक्स शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज करने वाली आईटी सेवा कंपनी विप्रो को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख भारतीय आईटी सेवा कंपनियों के नतीजों को ब्रोकरेज फर्मों ने सराहा है। गुरुवार को विप्रो के शेयर में 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
आज कंपनी के शेयर में 1.46 फीसदी की गिरावट आई।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इंफोसिस के शेयरों में गुरुवार को 1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई क्योंकि विश्लेषकों ने इन दोनों शेयरों के लिए अपने आय अनुमानों और लक्षित कीमतों में बढ़ोतरी की है। आज इन्फोसिस के शेयर में 1.49 फीसदी और टीसीएस के शेयर में 1.73 फीसदी की बढ़ोतरी रही। इन्फोसिस ने अधिकांश मानकों पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और वह ऐसा करने वाली एकमात्र कंपनी थी। टीसीएस का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। विप्रो बाजार की अग्रणी कंपनियों से पिछड़ गई और वह प्रमुख मानदंडों पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में विफल रही।
इन्फोसिस ने तीसरी तिमाही के दौरान स्थिर मुद्रा पर 7 फीसदी की राजस्व वृद्धि दर्ज की जो बाजार के अनुमान के मुकाबले दोगुनी है। प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2022 के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान को 16.5-17.5 फीसदी से बढ़ाकर 19.5-20 फीसदी कर दिया है।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2024 के लिए कंपनी के आय अनुमान में 3 से 4 फीसदी की बढ़ोतरी की है। उसने उम्मीद जताई है कि बाजार की अग्रणी कंपनी टीसीएस के लिए भी यही आय गुणक रहेगा। वित्त वर्ष 2024 के आय अनुमान के 26 गुना पर इन्फोसिस टीसीएस के मुकाबले 9 फीसदी छूट के साथ कारोबार कर रही है। इन तीनों कंपनियों में इन्फोसिस में सबसे अधिक 23 फीसदी की वृद्धि हुई है।
हालांकि राजस्व के मोर्चे पर टीएस के आंकड़े कहीं बेहतर हैं और उसने स्थिर मुद्रा पर 4 फीसदी की क्रमिक वृद्धि दर्ज की है। उसका परिचालन मुनाफा मार्जिन 25 फीसदी पर आपूर्ति पक्ष की चुनौतियों एवं अधिक उप-अनुबंध लागत के कारण 100 आधार अंक कम रहा।
एमके रिसर्च के विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2022 के लिए अपने आय अनुमान को 1.5 फीसदी घटा दिया है जबकि अगले दो वित्त वर्षों के लिए आय अनुमान में 0.2 से 0.5 फीसदी की मामूली वृद्धि की है। उन्होंने इस शेयर के लिए 4,150 रुपये का लक्षित मूल्य रखा है जो दिसंबर 2023 के लिए उसके आय अनुमान के मुकाबले 30 गुना है। इस शेयर में 14 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है।
यूबीएस सिक्योरिटीज का मानना है कि राजस्व के मोर्चे पर टीसीएस का दमदार प्रदर्शन काफी सकारात्मक है लेकिन बाजार इन्फोसिस के पक्ष में दिख सकता है क्योंकि वह बेहतर कारोबारी रफ्तार के साथ वित्त वर्ष 2023 में प्रवेश करेगी।
विप्रो ने क्रमिक आधार पर महज 3 फीसदी राजस्व वृद्धि के साथ कमजोर प्रदर्शन किया जबकि बाजार ने 4 फीसदी वृद्धि की उम्मीद जताई थी। जबकि उसने 60 करोड़ डॉलर के अनुबंध मूल्य के साथ 11 बड़े सौदे किए और चौथी तिमाही के लिए स्थिर मुद्रा पर 2 से 4 फीसदी की वृद्धि सकारात्मक है। लेकिन सकल उपयोगिता में गिरावट और कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोडऩे की दर 22.7 फीसदी रहने से बाजार की चिंता बढ़ गई। यही कारण है कि ब्रोकरेज ने उसके आय अनुमान में कटौती की और उसकी रेटिंग को ‘बाय’ से घटाकर ‘होल्ड’ कर दिया। विप्रो में सबसे कम 9 फीसदी की तेजी है।

Advertisement
First Published - January 14, 2022 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement