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दूरसंचार को शुल्क वृद्धि से दम

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:06 PM IST

दूरसंचार कंपनियों का मानना है कि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही  प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) में वृद्धि के साथ एक दमदार तिमाही रहेगी। उनका कहना है कि प्री-पेड प्लान के लिए शुल्क दरों में की गई हालिया बढ़ोतरी का फायदा दिखेगा। हालांकि तिमाही के दौरान नए ग्राहकों की संख्या मामूली दिखेगी लेकिन कंपनियों के राजस्व में समग्र वृद्धि चौथी तिमाही के लिए उनके आय अनुमानों के अनुरूप रहेगी।
ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, भारती एयरटेल का एआरपीयू तिमाही आधार पर 8 से 13.5 फीसदी बढ़कर 176 से 185 रुपये हो जाएगा। जबकि वोडाफोन आइडिया का एआरपीयू तिमाही आधार पर 7 से 12 फीसदी बढ़कर 123 से 129 रुपये हो सकता है। इसी प्रकार, रिलायंस जियो का एआरपीयू तिमाही आधार पर 8 से 12.5 फीसदी बढ़कर 164 से 171 रुपये होने का अनुमान है।
एमके ग्लोबल के अनुसार, चौथी तिमाही के एआरपीयू में दूरसंचार कंपनियों द्वारा की गई शुल्क वृद्धि का पूरा प्रभाव दिखेगा। हालांकि लंबी अवधि के रीचार्ज वाले ग्राहकों की अधिक संख्या होने के कारण जियो को उसका आंशिक फायदा ही होगा।
दूरसंचार कंपनियों ने नवंबर के अंत में प्रीपेड प्लान की शुल्क दरों में करीब 20 फीसदी का इजाफा किया था। शुल्क दरों में वृद्धि किए जाने से तीसरी तिमाही में दूरसंचार कंपनियों के एआरपीयू में क्रमिक आधार पर सुधार दर्ज किया गया था। कंपनी के अधिकारियों ने कहा था कि शुल्क दरों में की गई वृद्धि का पूरा प्रभाव चौथी तिमाही में दिखेगा।
जेफरीज ने अपनी आय पूर्वीक्षा में कहा है, ‘हम उम्मीद करते हैं कि भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के मोबाइल राजस्व में तिमाही आधार पर 10 फीसदी की वृद्धि होगी। हमारा मानना है कि जियो और एयरटेल के राजस्व वृद्धि को एआरपीयू में तिमाही आधार पर 10 से 12 फीसदी की वृद्धि से बल मिलेगा। शुल्क दरों में वृद्धि के बीच नए ग्राहकों की संख्या कमजोर बनी रहेगी। जबकि अधिक एआरपीयू के कारण मार्जिन में उल्लेखनीय सुधार होगा।’
हालांकि शुल्क दरों में वृद्धि किए जाने से तीसरी तिमाही के एआरपीयू में सुधार हुआ था लेकिन इससे दूरसंचार कंपनियों के ग्राहकों की संख्या में गिरावट भी दर्ज की गई थी। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि शुल्क दरों में वृद्धि से हुए फायदे का कुछ हिस्सा सिम कार्ड के सुदृढीकरण और चौथी तिमाही में दो दिनों की कमी से निष्प्रभावी हो जाएगा।
बीएनपी पारिबा का मानना है कि वृद्धि को प्रभावित करने वाले तमाम कारकों के बावजूद दूरसंचार उद्योग के राजस्व में सालाना आधार पर करीब 20 फीसदी और तिमाही आधार पर 9 फीसदी की वृद्धि होगी।

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First Published - April 7, 2022 | 11:46 PM IST

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