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जियो ने अब तक का स्पेक्ट्रम बकाया चुकाया

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:56 PM IST

दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस जियो ने मार्च 2021 से पहले खरीदे गए स्पेक्ट्रम का 30,791 करोड़ रुपये का पूरा बकाया दूरसंचार विभाग को चुका दिया है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस जियो ने आज घोषणा की कि उसने 2014 से 2016 के बीच खरीदे स्पेक्ट्रम का ब्याज सहित पूरा बकाया और भारती एयरटेल से पिछले साल उपयोग के अधिकार अनुबंध के तहत अधिग्रहीत स्पेक्ट्रम की देनदारियों का भुगतान कर दिया है।
कंपनी को यह बकाया वित्त वर्ष 2022-23 से 2034-35 तक सालाना किस्तों में चुकाना था, जिस पर 9.3 से 10 फीसदी की दर से ब्याज लगता था। अनुमान के अनुसार समय पूर्व भुगतान से कंपनी को ब्याज मद में हर साल करीब 1,200 करोड़ रुपये की बचत होगी। पिछले महीने एयरटेल ने भी ब्याज खर्च बचाने के उद्देश्य से 2014 से स्पेक्ट्रम संबंधी देनदारी मद में 15,514 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
तीसरी तिमाही के नतीजों को अंतिम रूप देने के लिए जियो के निदेशक मंडल की बैठक से दो दिन पहले कंपनी की ओर से यह घोषणा की गई। जियो का निदेशक मंडल गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के जरिये पैसे जुटाने पर भी विचार कर सकता है।
कंपनी ने बयान में कहा, ‘रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने 2016 में स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए खरीदे गए स्पेक्ट्रम की देनदारी से संबंधित बकाये की पहली किस्त का अग्रिम भुगतान अक्टूबर 2021 में किया था। इसके बाद दूरसंचार विभाग द्वारा दिसंबर 2021 में दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम देनदारी को समय पूर्व करने की सुविधा देने का निर्णय किया था। ऐसे में रिलायंस जियो ने 2014 और 2015 में खरीदे गए स्पेक्ट्रम बकाया का पूरा भुगतान जनवरी में कर दिया।’
हालांकि कंपनी पर पिछले साल का स्पेक्ट्रम से संबंधित बकाया अभी बना हुआ है। पिछले साल मार्च में जियो ने 800 मेगाहट्र्ज, 1,800 मेगाहट्र्ज और 2,300 मेगाहट्र्ज बैंड पर 57,123 करोड़ रुपये में स्पेक्ट्रम खरीदा था। इसके लिए कंपनी ने 19,939 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया था और अभी 37,184 करोड़ रुपये का बकाया है। पिछले साल स्पेक्ट्रम नीलामी की शर्तों के अनुसार कंपनी को 18 साल के दौरान स्पेक्ट्रम राशि का भुगतान करना है, जिस पर सालाना 7.3 फीसदी की दर से ब्याज लगेगा।

फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में जियो अव्वल
फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड सेवाओं की व्यावसायिक शुरुआत करने के दो वर्ष के भीतर रिलायंस जियो ने 20 साल पुरानी सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को पीछे छोड़कर क्षेत्र के शीर्ष सेवा प्रदाता का स्थान ले लिया है। नवंबर में कंपनी ने करीब 1.80 लाख नए ग्राहक जोड़े, जिससे इसके कुल ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या बढ़कर 43.40 लाख हो गई है। इस दौरान एयरटेल ने करीब 1 लाख ग्राहक जोड़े। ब्रॉडबैंड सेवा में दूसरे नंबर पर रही बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या नवंबर में करीब 5 लाख कम हुई है। नवंबर के अंत तक बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 42 लाख थी और एयरटेल के पास 40.80 लाख ग्राहक थे। जियो ने फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड सेवा जियो फाइबर सितंबर 2019 में शुरू की थी। तब इस श्रेणी में बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या 86.90 लाख थी।

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First Published - January 19, 2022 | 11:00 PM IST

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