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गूगल ने ऐप डेवलपरों के लिए ‘निजता’ नियम कड़े किए

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:30 PM IST

तकनीक की दुनिया की दिग्गज कंपनी अल्फाबेट ने सोमवार को अपने ऐप मार्केटप्लेस गूगल प्ले स्टोर पर निजता संबंधी एक फीचर की शुरुआत की। इसके तहत डेवलपरों को ऐप द्वारा उपयोगकर्ता की जानकारियों का संग्रह, उसे साझा और सुरक्षित करने के संबंध में लोगों को और अधिक जानकारी देने के लिए कहा गया है। उपयोगकर्ता आज से गूगल प्ले में डेटा सुरक्षा खंड को देख पाएंगे और डेवलपरों को 20 जुलाई तक अपने ऐपों के लिए इस खंड को पूरा करना आवश्यक होगा। जैसे ही डेवलपर अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाएंगे या डेटा के रख रखाव में परिवर्तन करेंगे उन्हें इसके बारे में ऐप के डेटा सुरक्षा खंड में नई जानकारी देनी होगी।     
कंपनी ने कहा, ‘हमने उपयोगकर्ताओं और ऐप डेवलपरों से सुना था कि ऐप द्वारा बिना अतिरिक्त संदर्भ के उनके द्वारा जुटाए गए डेटा को दिखाना पर्याप्त नहीं है। उपयोगकर्ता यह जानना चाहते हैं कि किस उद्देश्य से उनकी जानकारी एकत्रित की जा रही है और क्या डेवलपर उनकी जानकारी किसी तीसरे पक्ष से साझा कर रहे हैं।’
उसने कहा, ‘इसके अलावा, उपयोगकर्ता यह समझना चाहते हैं कि ऐप को डाउनलोड करने के बाद डेवलपर उनके डेटा को किस प्रकार संरक्षित कर रहे हैं।’
इस निर्णय का मतलब होगा कि उपयोगकर्ता ऐप की सुरक्षा प्रक्रियाओं जैसे कि ट्रांजिट में डेटा के एन्क्रिप्शन को देख सकेंगे और उपयोगकर्ता चाहें तो डेटा को हटाने के लिए भी कह सकते हैं। प्लेटफॉर्म अब पूछेगा कि क्या योग्य ऐप गूगल प्ले की पारिवारिक नीति का अनुसरण करने के लिए प्रतिबद्घ है जिससे कि प्ले स्टोर में बच्चों को बेहतर तरीके से सुरक्षित किया जा सके और क्या डेवलपर ने वैश्विक सुरक्षा मानक मोबाइल एप्लिकेशन सिक्योरिटी वैरीफिकेशन स्टैंडर्ड (एमएएसवीएस) के मद्देनजर अपनी सुरक्षा प्रथाओं की वैधता जांची है।
पिछले कुछ वर्षों से प्ले स्टोर की प्रतिस्पर्धी ऐपल ऐप स्टोर ने डेवलपरों के लिए अपने निजता अनुपालन को कड़ा कर दिया हे। सबसे पहले ऐपल ने दिसंबर 2020 में ऐपों की गोपनीयता प्रथाओं के बारे में नए लेबलों को लागू करने की शुरुआत की थी जिसका मकसद उपयोगकर्ताओं को इस ऐप स्टोर से ऐप को डाउनलोड करने से पहले उस ऐप की गोपनीयता प्रथाओं के बारे में जानकारी देने की सुविधा प्रदान करना था। इसके बाद उसने पिछले हफ्ते डेवलपरों के लिए लेबलों की जानकारी प्रदान करना जरूरी कर दिया। कंपनी ने ऐसा ऐपों को जारी करने या अद्यतन करने की समीक्षा प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर किया। पिछले वर्ष अप्रैल में ऐपल ने आईफोन के उपयोगकर्ताओं के बारे में बिना उनकी सहमति के जानकारी जुटाते रहने से विज्ञापनकर्ताओं को रोकने की शुरुआत की थी। इसके बाद डिजिटल विज्ञापन कंपनियों के निवेशक सकते में आ गए थे कि डेटा तक पहुंच में कमी आने से करीब 100 अरब डॉलर का मोबाइल विज्ञापन बाजार समाप्त होने के कगार पर पहुंच जाएगा। इस बीच विशेषज्ञों ने कहा है कि ऐपल की निजता संबंधी नीति से गूगल के विज्ञापन राजस्वों को लाभ होगा क्योंकि उम्मीद है कि विज्ञापनदाता आंकड़ों तक पहुच में कमी आने की वजह से फेसबुक और स्नैप जैसे ऐपों पर अपने विज्ञापन खर्च में कमी कर सकते हैं। सेंसर टावर रिसर्च के डेटा के मुताबिक 2021 में उपयोगकर्ताओं ने ऐपों पर 133 अरब डॉलर खर्च किए जो 2020 में किए गए खर्च से 20 फीसदी अधिक था। दिलचस्प है कि ऐपल का ऐप स्टोर अब भी गूगल प्ले से अधिक राजस्व सृजित कर रहा है।      
कुल मिलाकर, केवल ऐपल के ऐप स्टोर का इस बाजार के 85.1 अरब डॉलर पर कब्जा है जिसमें सालाना आधार पर 17.7 फीसदी की वृद्घि हो रही है। एक ओर जहां ऐपों की संख्या के आधार पर एंड्रॉएड का बाजार हिस्सेदारी पर दबदबा है वहीं उपयोगकर्ताओं ने ऐप स्टोर के मुकाबले गूगल के प्ले स्टोर पर कम खर्च किए। पूरे साल में गूगल प्ले ने 47.9 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया।
 

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First Published - April 27, 2022 | 1:59 AM IST

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