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चिप की कमी ने बढ़ाई मुश्किल

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Last Updated- December 12, 2022 | 2:58 AM IST

टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली लग्जरी कार कंपनी जगुआर लैंडरोवर ने ब्रिटेन की अपनी सहायक इकाई जगुआर लैंडरोवर ऑटोमोटिव में उत्पादन का अनुमान आधा कर दिया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को आज दी जानकारी में कहा कि सितंबर तिमाही में भी सेमीकंडक्टर की किल्लत रहती है तो उसकी आय घट सकती है।
इस घोषणा के बाद सुबह के कारोबार में टाटा मोटर्स का शेयर 10 फीसदी से ज्यादा टूट गया और निचले सर्किट पर आ गया। बाद में यह कुछ चढ़ा और कुल 8.41 फीसदी गिरावट के साथ 316.95 रुपये पर बंद हुआ।
टाटा मोटर्स ने पहले 4 फीसदी एबिटा मार्जिन रहने और मुक्त नकदी प्रवाह के ब्रेक ईवन में आने का अनुमान लगाया था। लेकिन अब अनुमान में कटौती कर उसने पहली और दूसरी तिमाही में ऋणात्मक एबिटा और मुक्त नकदी प्रवाह ऋणात्मक 1 अरब पाउंड रहने की बात कही है।
सेमीकंडक्टर की कमी से कई अन्य कंपनियों को भी अपनी उत्पादन योजना में बदलाव करना पड़ा है। चीन की सबसे बड़ी वाहन कंपनी एसएआईसी मोटर कॉर्पोरेशन ने भी उत्पादन में कटौती की है। कंपनी ने पहली छमाही के लिए थोक उत्पादन में करीब 5 लाख कार की कटौती कर दी है। निसान मोटर, हुंडई मोटर और फोक्सवैगन एजी ने भी सेमीकंडक्टर की कमी के कारण तैयार कारों का स्टॉक घटने की चेतावनी दी है।
सेमीकंडक्टर की कमी पिछले दिसंबर से शुरू हुई थी। परामर्श फर्म एलिक्सपार्टनर्स ने मई में अनुमान लगाया था कि इसकी वजह से कार उद्योग की बिक्री में करीब 110 अरब डॉलर की कमी आ सकती है।
जेएलआर की प्रतिस्पद्र्घी कंपनी बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज भी सेमीकंडक्टर की कमी से जूझ रही है। सेमीकंडक्टर को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का ‘दिमाग’ कहा जाता है। बीएमडब्ल्यू ने दूसरी छमाही में भी उत्पादन की तस्वीर बिगड़ी रहने की चेतावनी दी है। रॉयटर्स ने पिछले हफ्ते बीएमडब्ल्यू के बोर्ड सदस्य मिलान नेदेल्कोविच के हवाले से कहा था कि शुरुआत में अनुमान था कि साल की पहली छमाही में स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी लेकिन अब मुश्किल लग रहा है। अप्रैल में डेमलर ने कहा था कि सेमीकंडक्डर की कमी की वजह से उसे 18,500 कर्मचारियों के लिए काम के घंटे कम करने पड़ेंगे और जर्मनी में दो संयंत्रों में उत्पादन अस्थायी तौर पर रोकना पड़ेगा।
जेएलआर ने कहा कि पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में चिप की अधिक किल्लत रहेगी, जिससे थोक उत्पादन में 50 फीसदी की कमी आ सकती है। कंपनी ने कहा, ‘आपूर्ति में दबाव से नकदी प्रवाह पर भी असर पड़ेगा और दूसरी तिमाही में ऋणात्मक एबिटा मार्जिन के साथ यह 1 अरब पाउंड रह सकता है। पहली तिमाही के अंत में तरलता 5.6 अरब पाउंड थी।’
रिलायंस सिक्योरिटीज में शोध प्रमुख मितुल शाह ने कहा, ‘मुनाफे में कमी, सेमीकंडक्टर की किल्लत और पहली छमाही में परिचालन मार्जिन ऋणात्मक रहने की चेतावनी ने निवेशकों को निराश किया है क्योंकि बाजार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद कर रहा था।’
रिलायंस सिक्योरिटीज में शोध प्रमुख मितुल शाह ने कहा कि इससे टाटा मोटर्स का संचयी घाटा भी बढ़ेगा किंतु अगली एक-दो तिमाही में समस्या का समाधान हो सकता है।वैश्विक स्तर पर मांग बढऩे से चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही और अगले वित्त वर्ष के लिए कंपनियों के पास 1 लाख से ज्यादा वाहनों के ऑर्डर हैं।
शाह ने कहा कि नकदी प्रवाह, पूंजीगत व्यय पर नियंत्रण, ज्यादा मार्जिन वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढऩे और कर्ज घटाने के लक्ष्य को देखते हुए हम टाटा मोटर्स के लिए अपनी ‘खरीद’ रेटिंग बरकरार रख रहे हैं। शेयर में हालिया गिरावट निवेशकों के लिए अवसर हो सकता है।
जेएलआर के मुख्य कार्याधिकारी थियरी बोलोर ने कहा, ‘हम अपने आपूर्तिकर्ताओं और चिप विनिर्माताओं के साथ उपलब्धता बढ़ाने के लिए बात कर रहे हैं।’ जेएलआर की योजना ज्यादा मार्जिन वाले वाहनों के उत्पादन को प्राथमिकता देने की है। अमेरिका, यूरोप, चीन और ब्रिटेन सहित सभी बाजारों में मांग अच्छी रहने के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने 1,24,537 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 68.1 फीसदी अधिक हैं।

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First Published - July 6, 2021 | 11:10 PM IST

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