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आईटी फर्मों को भुगतान का इंतजार

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Last Updated- December 09, 2022 | 2:58 PM IST

मंदी से जूझ रही सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों को होने वाले भुगतानों में देरी हो रही हैं। कई कंपनियों ने कहा कि भुगतान मिलने में देरी हो रही है।


भुगतान के लिए औसतन 70-80 दिन का समय दिया जाता है। कई मामलों में भुगतान समय 90-100 दिनों तक पहुंच गया है। माना जा रहा है कि हालात और भी खराब हो सकते हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इससे बड़ी आईटी कंपनियों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बड़ी कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में रकम मौजूद है। हालांकि छोटी और मझोली आईटी कंपनियों को जरूर इससे नुकसान होगा।

एक विश्लेषक ने बताया, ‘टाटा कंसल्टेंसी और इन्फोसिस जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के पास 50 अरब से भी ज्यादा की पूंजी मौजूद है। लेकिन छोटी और मझोली कंपनियों के पास ज्यादा रकम नहीं है। इसीलिए उनकी कार्यशील पूंजी पर असर पड़ेगा।

आमतौर पर कंपनियां कार्यशील पूंजी ऋण के आधार पर जुटाती हैं। लेकिन मौजूदा हालात में बैंक भी ऋण देने से कतरा रहे हैं और ब्याज दरें भी बढ़ रही हैं। यह सब पूंजी की समस्या से जूझ रही मझोली आईटी कंपनियों के कोढ़ में खाज का ही काम करेंगे।’

विश्लेषकों ने कहा कि भुगतान में देरी होना तो अब सामान्य सी बात हो गई है। ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि कई कंपनियों के दिवालिया होने के आसार भी दिख रहे हैं।

एक विश्लेषक ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, ‘मौजूदा हालात में आईटी कंपनियों के ग्राहक दिवालिया हो रहे हैं। इसीलिए इस बारे में पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि यह देरी हमेशा के लिए नहीं होगी यानी कंपनियां दिवालिया नहीं होंगी।’

इन्ट्रासॉफ्ट टेक के प्रबंध निदेशक हनुमान त्रिपाठी ने बताया, ‘अगर आपको लगता है कि यह देरी कुछ ही दिनों के लिए हो रही है, तो आप आगे की योजना बना सकते हैं। लेकिन आईटी कंपनियों के भुगतान में हो रही देरी बहुत ही अजीब तरीके से बिगड़ी है।’

इन कंपनियों के  भुगतान 30-40 दिनों में हो जाते थे, लेकिन अब यह समय बढ़कर 90-100 दिन हो गया है।त्रिपाठी ने बताया कि जो आईटी कंपनियां सॉल्यूशंस मुहैया कराने के कारोबार में हैं उन पर ज्यादा असर पड़ेगा। हैदराबाद स्थित आईटी कंपनी मेगासॉफ्ट भी इसी समस्या से जूझ रही है।

मेगासॉफ्ट के मुख्य वित्त अधिकारी वी बालसुब्रमण्यम ने बताया, ‘हमारे बड़े ग्राहक समय पर भुगतान कर रहे हैं इसीलिए हमें अभी उतनी समस्या नहीं हो रही है।

इन ग्राहकों से ही हमारी 60-70 फीसदी कमाई होती है। हां, लेकिन छोटे ग्राहकों की ओर से भुगतान में देरी हो रही है। भुगतान में हो रही इस देरी से हमारी कार्यशील पूंजी पर असर पड़ेगा।’

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First Published - December 29, 2008 | 12:01 AM IST

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