केंद्र सरकार ने हिंदुस्तान जिंक में अपनी 29.5 प्रतिशत शेष हिस्सेदारी को किस्तों में बेचने में सरकार की सहायता करने के लिए 6 मर्चेंट बैंकरों को छांटा है। इनमें आईसीआईआई सिक्योरिटीज, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, एचडीएफसी बैंक, आईआईएफएल सिक्योरिटीज, ऐक्सिस कैपिटल और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स शामिल हैं।
ये बैंकर 12 अगस्त को अंतरमंत्रालय समूह के समक्ष अपनी प्रस्तुति देंगे। प्रस्तुति के बाद चुने गए मर्चेंट बैंक को अधिसूचित किया जाएगा। चुने गए निवेश बैंक को विनिवेश के तौर तरीकों और वक्त, बाजार सर्वे कराने, संभावित निवेशकों को आकर्षित करने के लिए घरेलू व अंतरराष्ट्रीय रोडशो के आयोजन, नियामकीय मंजूरिया लेने के अलावा अन्य कार्यों में सरकार की मदद करनी होगी। उन्हें उन घरेलू व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की सूची तैयार करनी होगी, जिनसे उन्होंने 7 दिन के भीतर संपर्क किया है। केंद्र सरकार ऑफर फॉर सेल व्यवस्था के माध्यम से किस्तों में अपनी 29.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को इच्छुक है। बुधवार को बंद भाव के हिसाब से सरकार की हिस्सेदारी 34,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की है।
चुने गए मर्चेंट बैंकर को सरकार के हितों की रक्षा करने के लिए पर्याप्त सरुक्षात्मक कदम भी सुनिश्चित करने होंगे। सरकार व वेदांता समूह के बीच 2002 में हुए शेयरधारिता समझौते के प्रावधानों पर भी ध्यान में रखना होगा, जिसकी वजह से लंबे समय तक मुकदमेबाजी हुई थी।