प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं मानव संसाधन (एचआर) विभाग के समूह प्रमुख कृष शंकर के लिए वैश्विक महामारी का मौजूदा समय एचआर विभाग को नए कौशल से लैस करने और कुशलता हासिल करने का समय है। कंपनी अपने कर्मचारियों को नए सिरे से कुशल बनाने की शुरुआत तीन से चार साल पहले ही कर दी थी क्योंकि कारोबार का रुख डिजिटल प्रौद्योगिकी की ओर हो गया है। वैश्विक महामारी ने वास्तव में नए सिरे से कुशलता हासिल करने के महत्व को सामने लाया है।
शंकर ने कहा, ‘पहले प्रमाणीकरण अथवा ई-लर्निंग कार्यक्रम का आयोजन पदोन्नति पाने के लिए किया जाता था और उसे लोग अधिक गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन पिछले दो से तीन साल के दौरान स्थिति बदल गई है और वैश्विक महामारी ने उसकी रफ्तार काफी बढ़ा दी है। आज नए डिजिटल कारोबार से जुड़े हमारे 80 फीसदी लोग इन-हाउस प्रतिभाएं हैं।’
शंकर ने कहा कि कारोबारी राजस्व में बदलाव आने से भी कर्मचारियों को नए सिरे से कुशल बनाने के महत्त्व का एहसास हुआ है। साल 2018 में कुल राजस्व में डिजिटल कारोबार का योगदान 25 से 27 फीसदी था जो अब बढ़कर 50 फीसदी हो चुका है और उस कारोबार में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ‘लोग देख सकते हैं कि वृद्धि कहां से आ रही है। उन्हें इस वृद्धि का हिस्सा बनने के लिए वास्तव में नए सिरे से कुशलता हासिल करना होगा। उन्हें इसका हिस्सा बनाने का एक तरीका प्रोत्साहन है जबकि दूसरा तरीका प्रौद्योगिकी एवं प्लेटफॉर्म तैयार करना है।’
इन्फोसिस ने इसकी शरुआत करते हुए ऐसे 34 कौशल की पहचान की थी जो महत्त्वपूर्ण हैं और उसने सीखने के लिए एक रणनीति तैयार की थी। इन पाठ्यक्रमों के अलावा कर्मचारियों को प्रमाण पत्र भी हासिल करना पड़ता था। शंकर ने कहा, ‘प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद उन्हें नए सिरे से तैनात किया जाएगा और उस कौशल को हासिल करने के लिए छह महीने तक उसी पद पर काम करना होगा। इस प्रकार उन्हें क्लाउड आर्किटेक्ट अथवा डिजिटल इंजीनियर कहा जाएगा और इसे पूरा करने के बाद उन्हें तिमाही में एक बार कौशल बोनस दिया जाएगा।’
इसके अलावा कंपनी ने अपने कर्मचारियों के मूल्यांकन के लिए एक अन्य मानदंड भी शामिल किया है जिसे डिजिटल कोशेंट (डीक्यू) कहा जाता है। डीक्यू के तहत मुख्य तौर पर अंक हासिल करना है और कर्मचारियों को इसमें सुधार लाना है ताकि उन्हें अपने करियर के विकास के लिए तेजी से रूपरेखा हासिल हो सके।
इन्फोसिस ने तीन साल पहले ही अपने कर्मचारियों को नए सिरे से प्रशिक्षित करने और कुशल बनाने की शुरुआत कर दी थी। उस दौरान कंपनी ने लाइव एंटरप्राइज अथवा एक चुस्त कंपनी बनने के लिए पहल की थी। इसी क्रम में उसने लेक्स प्लेटफॉर्म तैयार किया जो उसके कर्मचारियों को अपनी प्रतिभा में बदलाव की यात्रा को रफ्तार देने में मदद करता है। इन्फोसिस के करीब 90 फीसदी कर्मचारियों ने लेक्स प्लेटफॉर्म के जरिये नए कौशल हासिल किए हैं और उसके औसत दैनिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 25,000 है। शंकर ने कहा, ‘हम पिछले कुछ वर्षों से इस राह पर अग्रसर हैं लेकिन वैश्विक महामारी हमारी रफ्तार बढ़ा दी है।’