facebookmetapixel
Advertisement
The Wealth Company बनी EGR से जुड़ने वाली पहली AMC, अब NSE पर मिलेगा शेयर की तरह सोनाBharat Electronics Q4 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹2,225 करोड़ के पार, रेवेन्यू में भी 12% की जोरदार बढ़ोतरीIndia Markets Outlook: लंबी अव​धि में ग्रोथ की संभावना मजबूत, मार्च 2027 तक 29,000 पर पहुंच सकता है निफ्टीICICI PRU MF ने लॉन्च किए 2 नए SIF, लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी पर फोकस; किन निवेशकों के लिए हैं बेहतर?Angel One से MCX तक क्यों दौड़ रहे हैं ये शेयर? निवेशकों में खरीदारी की होड़रेलवे के कर्मचारी दें ध्यान! सरकार ने पेंशन प्रोसेसिंग नियमों में किया बदलाव, PPO के लिए नई गाइडलाइन जारीUS-Iran War: ईरान का प्रस्ताव ठुकराया! अमेरिका बोला- ये समझौता नहीं, हालात बिगड़ सकते हैंईरान-अमेरिका तनाव के बावजूद UP में खाद संकट नहीं! योगी सरकार का दावा: पिछले साल से ज्यादा स्टॉकएक दिन में 4% टूटा KEC शेयर, लेकिन ब्रोकरेज अब भी BUY की सलाह क्यों दे रहे हैं?देश में पावर डिमांड रिकॉर्ड 257 GW के पार; IMD ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में दी लू की चेतावनी

इन्फोसिस ने किया टेल्स्ट्रा के साथ  संयुक्त उपक्रम का ऐलान

Advertisement

इन्फोसिस इस संयुक्त उद्यम में 23.325 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 1,300 करोड़ रुपये) का निवेश कर रही है।

Last Updated- August 13, 2025 | 10:25 PM IST
Infosys

आईटी सेवा प्रदाता इन्फोसिस ने आस्ट्रेलिया की प्रख्यात दूरसंचार एवं प्रौद्योगिकी कंपनी टेल्स्ट्रा के साथ संयुक्त उपक्रम के निर्माण की घोषणा की। इससे इन्फोसिस को ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों के लिए एआई-आधारित क्लाउड और डिजिटल समाधान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

इन्फोसिस, वर्सेंट ग्रुप में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।  यह टेल्स्ट्रा समूह की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और क्लाउड एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन संबंधित सेवाएं मुहैया कराती है। इन्फोसिस इस संयुक्त उद्यम में 23.325 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 1,300 करोड़ रुपये) का निवेश कर रही है। इन्फोसिस के पास परिचालन नियंत्रण होगा, जबकि वर्सेंट ग्रुप में टेल्स्ट्रा की 25 प्रतिशत अल्पसंख्यक हिस्सेदारी बनी रहेगी।

कंपनी ने कहा कि संयुक्त उद्यम के गठन से इन्फोसिस की रणनीति में तेजी आएगी, जिससे ग्राहकों को उनकी एआई यात्रा में मदद मिलेगी। यह भागीदारी ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों के लिए एआई-आधारित क्लाउड और डिजिटल समाधानों को बढ़ावा देगी। यह लेनदेन वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के दौरान पूरा होने की उम्मीद है, जो नियामकीय मंजूरी के अधीन है।

Advertisement
First Published - August 13, 2025 | 10:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement