स्पेशियल्टी केमिकल कंपनियों के मूल्यांकन में सुधार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 2:33 AM IST

स्पेशियल्टी केमिकल कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है। इसकी वजह  क्लीन साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी की शानदार सूचीबद्घता और तत्व चिंतन फार्मा केम के लिए निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया है। 

पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकियों को विकसित करने वाली और परफॉरमेंस केमिकल्स तथा फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट्स सेगमेंट में परिचालन करने वाली क्लीन साइंस का शेयर सोमवार को पहले दिन 76 प्रतिशत चढ़ गया था। तत्व चिंतन को अपनी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के लिए 14 गुना का अभिदान मिला और यह आईपीओ मंगलवार को बंद हुआ।

बड़ी सूचीबद्घ कंपनियों में शामिल दीपक नाइट्राइट 6 महीनों के दौरान करीब दोगुनी वैल्यू के साथ शानदार प्रदर्शन दर्ज करने में कामयाब रही। तीन साल की अवधि के लिहाज से भी, यह शेयर शानदार प्रदर्शन में सफल रहा और इसमें 782 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि कई बड़े प्रतिस्पर्धियों ने 200 प्रतिशत से ज्यादा का प्रतिफल दिया। निफ्टी-50 इस संदर्भ में 43 प्रतिशत प्रतिफल के साथ पीछे रहा। 

कई स्पेशियल्टी केमिकल कंपनियों में वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा अपनाई गई चाइना+1 रणनीति की वजह से पिछले साल के दौरान शानदार बढ़त हासिल की है। रिलायंस सिक्यारिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक योगेश पाटिल का कहना है, ‘आयात के लिए चीन से अपनी रसायन जरूरतें पूरी करने वाली कई डाउनस्ट्रीम बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब यह आपूर्ति अन्य देशों से करने की संभावना देख रही हैं।’

इसके अलावा, मजबूत घरेलू खपत, चीन की तुलना में कम श्रम लागत, कम नियामकीय लागत, मजबूत बौद्घिक संपदा सुरक्षा, और सरकारी नीतियों की वजह से भारतीय कंपनियों को बढ़त हासिल हुई है। नवाचार और नए उत्पादों की पेशकशों से भी वृद्घि की रफ्तार मजबूत हो सकती है।

ये बदलाव कैलेंडर वर्ष 2020-25 में 12.4 प्रतिशत की वृद्घि के साथ इस क्षेत्र को 64 अरब डॉलर पर पहुंचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों के अनुसार, यह वृद्घि 32 अरब डॉलर के ऊंचे आधार के साथ दर्ज की गई है और घरेलू स्पेशियल्टी सेक्टर 11.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा है और कैलेंडर वर्ष 2015-20 के दौरान दोगुनी वैश्विक दर से बढ़ा। बिक्री में सुधार आने की संभावना है क्योंकि वैश्विक बाजार में भारत का योगदान 5 प्रतिशत से कम है।

First Published : July 20, 2021 | 11:47 PM IST