ओएनजीसी विदेश की सहायक कंपनी इम्पीरियल एनर्जी को रूस में स्नेझनोये तेल क्षेत्र से अपने उत्पादन में इजाफे की उम्मीद है। पिछले साल चालू किए गए एसोसिएटेड पेट्रोलियम गैस उपयोग संयंत्र के कारण यह संभव हुआ है।
इस संबंध में जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना का निष्पादन और गैस उत्पादन की आपूर्ति के लिए ट्रांसनेफ्ट पाइपलाइन नेटवर्क के साथ समझौता करना इम्पीरियल एनर्जी के लिए संभावनाओं को बढ़ावा देने जा रहा है। इस संयंत्र को पांच करोड़ डॉलर की लागत से निर्मित किया गया है।
इस घटनाक्रम से वाकिफ एक अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया ‘पहले बंद किए गए कुओं के अनुमानों के आधार पर उत्पादन में प्रतिदिन 1,000 बैरल तेल समतुल्य (बीओईपीडी) की वृद्धि होने की उम्मीद है और दो नियोजित कुओं की ड्रिलिंग से उत्पादन में 2,000 बोईपीडी तक का और इजाफा होगा।’
वर्ष 2015 में ओवीएल ने संबंधित गैस से भारी घटकों को निकालने और मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाने के लिए इस संयंत्र को स्थापित करना शुरू किया था। इस बात की परिकल्पना की गई थी कि स्नेझनोये तेल क्षेत्र से तेल और गैस के उत्पादन में इजाफा होगा, जबकि उत्सर्जन में कमी आएगी। इम्पीरियल मूल्य संवर्धित उत्पाद अर्थात प्रोपेन-ब्यूटेन (जिसे एलपीजी के रूप में जाना जाता है), संघनित और पाइपलाइन गुणवत्ता वाली लीन गैस भी बनाना चाहती थी।
अधिकारी ने बताया ‘इस लीन गैस की आपूर्ति ट्रांसनेफ्ट पाइपलाइन नेटवर्क को की जाएगी। अधिक गैस तत्व वाले कुओं को, जिन्हें बंद कर दिया गया था, अब उत्पादन में लगाया जा सकता है।’
इस संयंत्र से होने वाले लाभों में रूस की सरकार द्वारा लगाए गए गैस उत्सर्जन शुल्क से बचना, बंद रखे गए तेल के कुओं से उत्पादन के साथ-साथ प्राकृतिक गैस और मूल्य संवर्धित उत्पादों से राजस्व प्राप्त करना शामिल है। अधिकारी ने कहा कि इस संयंत्र के बिना स्नेझनोये क्षेत्र का विकास संभव नहीं हो पाता।
ओवीएल ने 13 जनवरी, 2009 को $2.1 अरब डॉलर में इम्पीरियल एनर्जी का अधिग्रहण किया था।