आईसीआईसीआई वेंचर ने डिजिटल स्टार्टअप में निवेश करने का निर्णय लिया है और वह इसके लिए एक अलग फंड स्थापित करने पर विचार कर रही है। कंपनी रियल एस्टेट में 30 से 40 करोड़ डॉलर का एक नया फंड भी स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही है ताकि वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र में कोविड-19 के बाद की जरूरतों का फायदा उठाया जा सके।
निजी इक्विटी क्षेत्र की यह अग्रणी कंपनी करीब दो दशक के बाद स्टार्टअप क्षेत्र में नए सिरे से उतरने की तैयारी कर रही है। जब 1988 में एक वेंचर कैपिटल फंड के तौर पर इसकी शुरुआत हुई थी तो आईसीआईसीआई वेंचर ने नौकरी डॉट कॉम जैसी शुरुआती स्तर की कंपनियों में निवेश पर ध्यान केंद्रित किया था। लेकिन साल 2002 के बाद वह बाद के चरण की कंपनियों और बड़े सौदों में दिलचस्पी दिखाने लगी।
साल 2000 तक इस फंड ने करीब 500 सौदे किए। लेकिन 2001 से अब तक उसने महज 100 सौदों में भाग लिया है। उसकी नीति से साफ पता चलता है कि उसने घरेलू स्टार्टअप में निवेश नहीं किया जिसका पिछले दशक के दौरान काफी विकास हुआ।
पिछले साल भारत में 50 से अधिक यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) उभरे। इस साल के पहले पांच महीनों के दौरान इस सूची में 14 नए यूनिकॉर्न शामिल हुए हैं।
आईसीआईसीआई वेंचर के सीईओ एवं एमडी पुनीत नंदा ने कहा, ‘हम डिजिटल स्टार्टअप क्षेत्र में निवेश करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। हम इस क्षेत्र में काफी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं क्योंकि हम भारतीय उपभोक्ताओं को समझते हैं। हम फिनटेक एवं स्वास्थ्य सेवा से लेकर एडुटेक और डिजिटल भुगतान तक विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।’
नंदा का मानना है कि इसमें निवेश पर रिटर्न अन्य क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर होगा और यह बिल्कुल उपयुक्त समय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्टार्टअप क्षेत्र अगले 10 से 15 वर्षों के दौरान लगातार छह गुना वृद्धि दर्ज करेगा।