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HCL Tech Q3Results: तीसरी तिमाही में मुनाफा 11% घटा, पर राजस्व में 13 फीसदी की बढ़ोतरी

एचसीएल का तीसरी तिमाही का राजस्व सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत बढ़कर 33,872 करोड़ रुपये हो गया जिसे वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण खंड से मदद मिली

Published by
अविक दास   
Last Updated- January 12, 2026 | 10:39 PM IST

भारत की तीसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी एचसीएल टेक्नॉलजीज का मुनाफा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 11.1 प्रतिशत कम रहा है। नवंबर में सरकार द्वारा लागू नई श्रम संहिता का असर कंपनी के मुनाफे पर दिखा है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 4,076 करोड़ रुपये रहा।

एचसीएल का तीसरी तिमाही का राजस्व सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत बढ़कर 33,872 करोड़ रुपये हो गया जिसे वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण खंड से मदद मिली। स्थिर मुद्रा के आधार पर ये क्रमशः 8.1 प्रतिशत और 1.8 प्रतिशत ऊपर रहे। तिमाही आधार पर कंपनी का राजस्व 6 प्रतिशत बढ़ा।

राजस्व के आंकड़े ब्लूमबर्ग के अनुमान से बेहतर रहे मगर मुनाफा बाजार की उम्मीदों से कम रहा।

नए क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और ठेके अधिक मिलने से एचसीएलटेक को अपने अनुमान में संशोधन करने में मदद मिली। कंपनी स्तर पर अब उसे स्थिर मुद्रा में 4.0 से 4.5 प्रतिशत के बीच बढ़ने की उम्मीद है जो तीन महीने पहले अनुमानित 3 से 5 प्रतिशत से अधिक है। सेवाओं से प्राप्त राजस्व 4.75 से 5.25 प्रतिशत के बीच तेजी से बढ़ने की उम्मीद है जो 4-5 प्रतिशत से अधिक है।

कंपनी के सीईओ एवं एमडी सी विजयकुमार ने कहा कि विवेकाधीन खर्च का प्रारुप दूसरी तिमाही में समान रहा क्योंकि अनिश्चितताएं बरकरार रहीं। उन्होंने आगे कहा,‘पारंपरिक खर्च वाले क्षेत्रों में अभी भी थोड़ी नरमी है मगर हम अब कुछ साल पहले के स्तर पर वापस आने का इंतजार या अनुमान नहीं लगा रहे हैं। इसके बजाय हम अपनी ऊर्जा उस जगह पर केंद्रित कर रहे हैं जहां खर्च हो रहा है। इन क्षेत्रों में डेटा सेंटर, रोबोटिक्स फिजिकल आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर और एज इन्फ्रेसिंग हैं जो एआई के आधारभूत खंड हैं।’

दिसंबर में समाप्त तीन महीनों के दौरान श्रम संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत कंपनी ने कर्मचारी लाभों के लिए 956 करोड़ रुपये अलग कर रखे थे। कंपनी ने सोमवार को कहा,‘इंड एएस 19 के तहत विधायी संशोधनों के कारण कर्मचारी लाभ योजनाओं में परिवर्तन एक योजना संशोधन का गठन करते हैं जिसके लिए लाभ और हानि के विवरण में तुरंत पिछली सेवा लागत को मान्यता देने की आवश्यकता होती है।’

एक अन्य आईटी कंपनी टीसीएस ने भी 2,128 करोड़ रुपये पर कोड के प्रभाव का प्रावधान किया। विशेषज्ञों का कहना है कि नए श्रम संहिता भारत के आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र के लिए एक अहम बदलाव लाएगी क्योंकि पहली बार इन कंपनियों को सरकार द्वारा पूर्व में स्थापित मानदंडों के साथ-साथ केंद्रीय ओएसएच संहिता के अंतर्गत काम करना होगा। इनमें काम के घंटे, अतिरिक्त कार्य (ओवरटाइम), कल्याण और वैधानिक दस्तावेज पर निर्देशात्मक नियम लागू किए जाएंगे।

एचसीएलटेक को कुल 3 अरब डॉलर के अनुबंध मिले जो एक साल पहले की तुलना में 43.5 प्रतिशत अधिक है। एचसीएल का एआई राजस्व तीसरी तिमाही के अंत में 14.8 करोड़ डॉलर था तिमाही आधार पर 20 प्रतिशत अधिक है।

एचसीएलटेक ने यह भी कहा कि उसे तीसरी तिमाही में 2,852 नए लोगों को नियुक्त किया। कंपनी ने कहा कि इससे तीसरी तिमाही के अंत में उसके कुल कर्चमारियों की संख्या बढ़कर 2,26,379 हो गई।

First Published : January 12, 2026 | 10:39 PM IST