केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भारत के स्टार्टअप को 2022 में 75 अतिरिक्त यूनीकॉर्न बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए, जिससे कि पिछले साल की गति बरकरार रहे।
यूनीकॉर्न निजी क्षेत्र के स्टार्टअप होते हैं, जिनका मूल्यांकन 1 अरब डॉलर से पार होता है। भारत में इस समय 82 यूनीकॉर्न हैं, जिसमें आधे से ज्यादा 2021 में इस यूनीकॉर्न क्लब में शामिल हुए हैं।
स्टार्टअप इंडिया इनोवेशन वीक के वर्चुअल उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, ‘आइए हम भारत को विश्व के लिए शीर्ष 100 केंद्रों में बनाएं। नवोन्मेष और आविष्कार का केंद्र बनाएं। आइए हम इस साल 75 और स्टार्टअप तैयार करें।’
एक सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम का लक्ष्य देश के प्रमुख स्टार्टअप, उद्यमियों, निवेशकों, इन्क्यूबेटर्स, वित्तपोषण इकाइयों, बैंकों, नीति निर्माताओं व अन्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को एक साथ लाना है, जिससे कि नवोन्मेष को प्रोत्साहन मिल सके और स्टार्टअप का माहौल बनाने, उद्यमशीलता की क्षमता विकसित करने का माहौल बनाने, स्टार्टअप में निवेश के लिए घरेलू और वैश्विक पूंजी आकर्षित करने की दिशा में काम किया जा सके। साथ ही इसका मकसद स्टार्टअप की बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करना भी है।
ऐसे समय में जब विनश्व महामारी के दौर से गुजर रहा है, स्टार्टअप पूरे विश्व में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के समाजीकरण व लोकतांत्रीकरण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मंत्री ने कहा, ‘विश्व इस समय महामारी की कई लहरों से लगातार गुजर रहा है। ऐसे में हमारे उद्यमियों को यह सोचना शुरू कर देना चाहिए कि स्टार्टअप को ज्यादा उपयोगी कैसे बनाया जाए। मेरा मानना है कि हमारे स्टार्टअप पूरी दुनिया में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का समाजीकरण व लोकतांत्रीकरण कर सकते हैं।’
वेंचर कैपिटलिस्ट और फाइनैंसर भी देश भर के खासकर छोटे व मझोले शहरों के नए स्टार्टअप की निगरानी में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मंत्री ने हिस्सेदारों से नवोन्मेष का वातावरण तैयार करने और भारत को वैश्विक नवोन्मेष सूचकांक में शीर्ष 25 में पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘वैश्विक नवोन्मेष सूचकांक में 2014 के 76वें स्थान से 2021 में 46वें स्थान पर लाने में हमारे स्टार्टअप प्रमुख हैं।’ गोयल ने कहा कि प्रस्तावित ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) की पहल बदलाव करने वाली साबित होगी और इससे उद्यमियों को भरोसा बनाने के साथ लागत बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ओएनडीसी बड़े कॉर्पोरेशन और छोटे स्टार्टअप के बीच अंतर को कम करने में मदद करेगा।