बीएस बातचीत
पिछले साल अक्टूबर में भारतीय विमानन क्षेत्र में एक ही सवाल उठ रहा था : कौन है मुरारी लाल जालान और वह इस क्षेत्र में उतरने की हिम्मत कैसे कर रहे हैं। जालान और उनकी साझेदार कालरॉक कैपिटल को बैंकरों ने जेट एयरवेज को शुरू करने की मंजूरी दे दी है, जो दो साल पहले दिवालिया हो गई थी। मीडिया से पहली बातचीत में जालान ने अरिंदम मजूमदार को बताया कि आखिर उन्होंने जेट का अधिग्रहण क्यों किया और महामारी के दौरान किसी विमानन कंपनी को शुरू करने में किस तरह के मौके हैं। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
आप विमानन क्षेत्र से किसी भी तरह नहींं जुड़े रहे हैं। इस में दिलचस्पी क्यों हुई?
वास्तव में ऐसा नहीं है कि यह अचानक हुआ। हम जेट एयरवेज की बोली पर एक साल से ज्यादा समय से काम कर रहे थे। कोविड के चलते हमने इसमें तेजी लाई और सरकार ने भी हमें मदद की पेशकश की। इसलिए यह हो पाया।
भारतीय विमानन कारोबार में गलाकाट प्रतिस्पर्धा है और कई नाकामियां भी मौजूद हैं। भारतीय बाजार को लेकर आपका क्या नजरिया है?
सौभाग्य से मेरे लिए स्थिति पूरी तरह से अलग है। मैंने कारोबार में तब प्रवेश किया जब बाजार दबाव में था। ऐसे में हमें सबकुछ सही दाम पर मिल गया। पूरी दुनिया में शायद यह एकमात्र विमानन कंपनी होगी जिसके ऊपर कोई बड़ी देनदारी नहीं होगी। हम अन्य से बेहतर स्थिति में होंगे। ऐसे में स्थितियां मेरे लिए बिल्कुुल अलग होगी, जहां हमारे पास स्थापित ब्रांड होगा, लेकिन कोई देनदारी नहीं होगी।
पट्टा देने वालों, विदेशी हवाईअड्डों के बकाए पर आप क्या कहेंगे?
मेरी समझ कहती है कि एनसीएलटी की तरफ से मेरी समाधान योजना की मंजूरी के बाद हमें कोई छुपा खर्च या देनदारी नहीं नजर आ रही है। हमें भरोसा है कि हम साफ-सुथरे तरीके से शुरुआत करेंगे और मुझे नहीं लगता कि कोई परेशानी का सामना करना होगा।
क्या जेट एयरवेज के पुराने कारोबारी साझेदारों से इस संबंध में आपकी कोई बात हुई है?
बोली लगाने का फैसला करते समय से ही हम उनसे बातचीत कर रहे हैं। यह प्रक्रिया जारी रहेगी। हम एनसीएलटी से हमारी योजना की मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उसके बाद हम उनके साथ अनुबंध को अंतिम रूप देंगे।
जेट की समाधान प्रक्रिया के दो साल से ज्यादा हो चुके हैं। विदेशी निवेशक होने के नाते क्या आप इस रफ्तार को लेकर चिंतित हैं?
मैं प्रक्रिया की गति को लेकर चिंतित नहीं हूं। चीजें सही दिशा में जा रही हैं। हमें समझना होगा कि महामारी के कारण दुनिया अप्रत्याशित दौर से गुजर रही है और अभी भी चीजें तेज गति से आगे बढ़ रही हैं। निश्चित तौर पर कारोबारी होने के नाते मैं चाहूंगा कि कल का काम आज हो जाए, लेकिन जब आप किसी सिस्टम मेंं हों तो कल का काम कल ही होगा। ऐसे में बिना वजह देरी नहीं हो रही है। हम सहज स्थिति में हैं।
क्या आपके साझेदार भी ऐसा ही आशावाद जता रहे हैं?
हां, उसे भी भारत में मिल रहे मौके को लेकर भरोसा है।
लेकिन एनसीएलटी की सुस्त प्रक्रिया ने 2021 की गर्मियोंं में शुरुआत की आपकी योजना को पटरी से उतार दिया। अब शुरुआत कब से करने पर विचार कर रहे हैं?
हम इस पर काम कर रहे हैं। गर्मियों का सीजन मार्च के आखिर से अक्टूबर के आखिर तक रहता है। ऐसे में मुझे लगता है कि हम इसी समयसारणी के मुताबिक शुरुआत कर पाएंगे – चार से छह महीने में। क्या हम इस समयसारणी के शुरू में या आखिर में आगाज करेंंगे, इसका फैसला अभी होना बाकी है।
जेट की शुरुआत करने की पूरी योजना एयरपोर्ट पर प्राइमरी स्लॉट व द्विपक्षीय अधिकार पर निर्भर करेगी। आपको यह वापस मिलने का कितना भरोसा है?
कोविड ने मेरे लिए स्थितियां बेहतर बना दी है। ज्यादातर एयरपोर्ट की क्षमता सुधरी है और उड्डयन मंत्रालय के साथ हमारी बातचीत में उन्होंने हमें कहा है कि जो भी जरूरत होगी, हमें मिलेगा।
स्लॉट मिलने में क्या आपको प्रतिस्पर्धी विमानन कंपनी से किसी तरह की चुनौती दिख रही है?
मुझे इस तरह की समस्या नहीं दिख रही है। सरकार ने हमें मदद का आश्वासन दिया है। आज इस पर बातचीत करना जल्दबाजी होगी। जब हमारे विमान आने शुरू होंगे तब मुझे स्लॉट और अंतरराष्ट्रीय उड़ान के अधिकार वापस मिलने का भरोसा है।