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गूगल ने भारत-अमेरिका के बीच नई समुद्री केबल की घोषणा की, AI कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

गूगल लोगों को अपने कार्य में एआई दक्ष बनाने में मदद करने के लिए एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम की शुरुआत करेगा।

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आशीष आर्यन   
Last Updated- February 19, 2026 | 8:56 AM IST

अल्फाबेट और गूगल के मुख्य कार्याधिकारी सुंदर पिचाई ने बुधवार को इंडिया अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव की घोषणा की। यह एक नया इन्फ्रास्ट्रक्चर है जो अमेरिका और भारत के बीच एआई कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। यह संपर्क दक्षिणी गोलार्ध में कई स्थानों पर नए सब-सी यानी समुद्र की नीचे केबल रूट के जरिये मिलेगा।

पिचाई इस समय एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने भारत आए हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘इस बुनियादी ढांचे से मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिए हमें लोगों में और कौशल विकास में निवेश करना होगा।’
गूगल लोगों को अपने कार्य में एआई दक्ष बनाने में मदद करने के लिए एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम की शुरुआत करेगा। इसके अलावा कंपनी वाधवानी एआई के साथ भी साझेदारी करेगी ताकि शुरुआती करियर वाले छात्रों को एआई सीखने का विकल्प मिल सके।

साथ ही, गूगल सरकार की अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ भी भागीदारी करेगी ताकि रोबोटिक्स और कोडिंग पर फोकस करते हुए 10,000 से ज्यादा भारतीय स्कूलों के 1.1 करोड़ छात्रों को जेनरेटिव एआई असिस्टेंट मुहैया कराए जा सकें।

पिचाई ने कहा कि गूगल जल्द ही अपने वॉइस और कैमरा टूल ‘सर्चलाइट’ का बेहतर मॉडल भी पेश करेगी, ताकि लोग जो देखते हैं उसे अपनी ही भाषा में सर्च भी कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय उपयोगकर्ता वॉयस और विजुअल सर्च को दुनिया भर में सबसे ज्यादा अपनाने वालों में से हैं।

उन्होंने कहा कि भारत कंपनी के प्रमुख लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम)-आधारित चैटबॉट, जेमिनी के सबसे बड़े बाजारों में से एक है।

First Published : February 19, 2026 | 8:56 AM IST