गूगल डीपमाइंड के मुख्य कार्य अधिकारी और सह-संस्थापक डेमिस हसाबिस का कहना है कि आर्टिफिशल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) अभी भी लगभग पांच से आठ साल दूर है। उनका मानना है कि प्रणालियों को खुद से सीखने की क्षमता के लिए और प्रशिक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने एआई के बारे में चर्चा करते हुए यह बात कही, जो वह बौद्धिक काम कर सकती है जो इंसान कर सकता है।
दुनिया के सबसे जाने-माने एआई शोधकर्ताओं में शुमार हसाबिस ने कहा कि एजीआई हासिल करने का मानक अभी भी ऊंचा है क्योंकि ऐसे प्रणालियों में इंसान की संज्ञान लेने की क्षमताओं की पूरी श्रृंखला को शामिल करने की जरूरत होगी।
उन्होंने बुधवार को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में मद्रास के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में डेटा साइंस और एआई विभाग के प्रमुख बलरामन रवींद्रन के साथ चर्चा में कहा, ‘आज की प्रणालियां प्रभावशाली हैं। लेकिन उनमें अभी भी कमियां हैं। उनमें एक बड़ी कमी है कामों में संगति न होना।’
डेमिस हसाबिस ने कहा कि मौजूदा प्रणालियों में सीखने की सामान्य क्षमता की कमी है। यानी तैनानी के बाद भी सीखते रहने की क्षमता।