गोदरेज समूह की इकाई गोदरेज प्रॉपर्टीज (जीपीएल) ने अपने शेयरों के पात्र संस्थागत निवेशक (क्यूआईपी) के जरिये 3,750 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल नई भूमि की खरीद में और अपने संयुक्त उद्यम साझेदारों के भुगतान में करेगी। क्यूआईपी के जरिये रकम जुटाने के प्रस्ताव को गोदरेज प्रॉपर्टीज के बोर्ड से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
गोदरेज प्रॉपर्टीज के चेयरमैन पिरोजशाह गोदरेज ने कहा, ‘यह इक्विटी जुटाने के लिए समर्थ बनाने वाला प्रस्ताव है। जब इस पर अमल किया जाएगा तो यह क्यूआईपी का स्वरूप लेगा।’ उन्होंने कहा कि कंपनी जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल अपना पोर्टफोलियो तैयार करने में करेगी। इसके अलावा संयुक्त उद्यम साझेदारों के एकमुश्त भुगतान में भी इसका उपयोग किया जाएगा।
गोदरेज ने कहा, ‘पिछले चार-पांच महीनों से बड़े संगठित डेवलपरों की सकारात्मक बिक्री दिखी है। हम बाजार में बदलाव की शुरुआत देख रहे हैं लेकिन अधिकतर डेवलपर नकदी की समस्या से जूझ रहे हैं। बाजार में आकर्षक मूल्यांकन पर अच्छे भूमि सौदे उपलब्ध हैं।’
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने तीसरी तिमाही के दौरान दो भूखंड हासिल किए जिनमें 40 लाख वर्ग फुट की क्षमता मौजूद है। गोदरेज ने कहा, ‘यदि बाजार परिदृश्य में सुधार हुआ तो जमीन की कीमतों पर उसकी झलक दिखेगी। भूखंड की कीमतों में तीसरी तिमाही के दौरान कोई खास कमी नहीं आई है लेकिन मौजूदा स्तर पर भी खरीदारी करना उचित रहेगा।’
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने भूमि की खरीद के लिए 2019 में क्यूआईपी के जरिये 2,100 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके अलावा पिछले साल उसने गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करते हुए 1,000 करोड़ रुपये जुटाए। चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए कंपनी ने 12 परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की है।
गोदरेज ने कहा कि कंपनी पिछले ढाई वर्षों के दौरान 5 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र का पोर्टफोलियो तैयार किया है। विश्लेषकों ने कंपनी की योजनाओं को एक अच्छी पहल करार दिया है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसंधान विश्लेषक अधिदेव चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘गोदरेज प्रॉपर्टीज के प्रबंधन के अनुसार, किसी भी ताजा रकम का इस्तेमाल वृद्धि को रफ्तार देने वाली पूंजी के तौर पर करने का प्रस्ताव है। कंपनी भारी दबाव वाले रिहायशी प्रॉपर्टी बाजार में काफी हद तक एकमुश्त आधार पर भूमि अधिग्रहण करने की रणनीति पर चल रही है। कंपनी मुंबई नगरपालिका क्षेत्र, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलूरु और पुणे जैसे अपने प्रमुख बाजारों में अगले तीन से चार वर्षों के दौरान दो अंकों में बाजार हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है।’
चट्टोपाध्याय ने कहा कि गोदरेज प्रॉपर्टीज दिसंबर 2020 तक 1,300 करोड़ रुपये की नकदी एवं नकद निवेश के साथ आकर्षक मूल्यांकन पर अपने भूमि बैंक को बढ़ाने के लिए सही स्थिति में है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध ऋण बोझ बढ़कर 3,077 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 1,084 करोड़ रुपये रहा था।