भारत-चीन गतिरोध से जीएम की बढ़ी चिंता

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 1:41 AM IST

भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण जनरल मोटर्स (जीएम) को अपने भारतीय संयंत्र की बिक्री ग्रेट वॉल मोटर को करने में देरी हो रही है जिससे उसे काफी नुकसान होने की आशंका है। इस मामले से अवगत लोगों ने कहा कि इस सौदे में देरी होने से जीएम की अनियोजित लागत काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि चीन से संबंधित सौदे के लिए भारत सरकार की मंजूरी मिलने में अब काफी समय लग सकता है।

एक सूत्र ने कहा, ‘अगले साल तक यह या तो जीएम की बंद पड़ा संयंत्र होगा अथवा वह ग्रेट वॉल मोटर द्वारा परिचालित संयंत्र होगा।’ जीएम इस संयंत्र की बिक्री से प्राप्त 25 से 30 करोड़ डॉलर की रकम का इस्तेमाल अपनी देनदारियों को पूरा करने में करने में कर सकती है। जबकि एक अन्य सूत्र ने कहा कि यह सौदा जीएम के लिए न नफा न नुकसान की स्थिति जैसा होगा। हालांकि सौदा पूरा होने के बाद ही रकम हासिल होगी लेकिन अब जीएम को अपनी जेब से वेतन आदि लागत का भुगतान करना पड़ेगा। यदि सौदा समय पर हो जाता तो उसे इस प्रकार की लागत का भार नहीं उठाना पड़ता। दूसरे सूत्र ने कहा कि इस प्रकार की लागत लाखों डॉलर में हो सकती है। सूत्रों ने यह भी कहा कि सौदे को लेकर अस्पष्टïता के कारण कर्मचारी लागत सामान्य स्थिति के मुकाबले काफी अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर नए रोजगार तलाशने के सीमित अवसर के बीच कर्मचारी अधिक राहत की मांग कर सकते हैं।

First Published : September 18, 2020 | 1:34 AM IST