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गेल ने गैजप्रॉम की पूर्व इकाई से मांगा 1.8 अरब डॉलर का हर्जाना

गेल ने एलएनजी आपूर्ति में चूक के लिए हर्जाना मांगा

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भाषा   
Last Updated- December 01, 2023 | 11:14 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र की गेल इंडिया लिमिटेड ने शुक्रवार को कहा कि उसने समझौते के अनुरूप एलएनजी की आपूर्ति नहीं करने पर रूसी ऊर्जा कंपनी गैजप्रॉम की एक पूर्व इकाई के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की है जिसमें हर्जाने के तौर पर 1.817 अरब डॉलर की मांग की गई है।

गेल इंडिया ने शेयर बाजार को दी गई एक सूचना में कहा कि उसने ‘दीर्घकालिक अनुबंध के तहत एलएनजी की आपूर्ति न होने’ पर लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय में यह अर्जी लगाई है।

गेल ने वर्ष 2012 में रूस की अग्रणी ऊर्जा कंपनी गैजप्रॉम के साथ प्रति वर्ष 28.5 लाख टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) खरीदने के लिए 20 साल का समझौता किया था।

यह सौदा गैजप्रॉम मार्केटिंग एंड सिंगापुर (जीएमटीएस) के साथ किया गया था जो तब गैजप्रॉम जर्मनिया (अब सेफे) की एक इकाई थी। लेकिन पिछले साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच गैजप्रॉम ने सेफे से अपना नाता तोड़ लिया था।

First Published : December 1, 2023 | 11:14 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)