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बांग्लादेश संकट से उबरा अपोलो ग्रुप: अफ्रीका व पश्चिम एशिया के मरीजों से मिल रही है अस्पताल को रफ्तार

विदेशी मरीजों की संख्या में बांग्लादेश की घटती हिस्सेदारी की भरपाई अब अफ्रीका, पश्चिम एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया सहित अन्य क्षेत्रों से हुई है

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शाइन जेकब   
Last Updated- February 15, 2026 | 9:54 PM IST

अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज लिमिटेड (एएचईएल) ने कहा है कि नए क्षेत्रों में विविधीकरण के कारण उसके विदेशी रोगियों की संख्या में कमी का बांग्लादेश से संबं​धित संकट का असर पहले ही खत्म हो चुका है। पड़ोसी देश से आने वाले रोगियों में दो साल तक कमी के बाद वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान अस्पताल श्रृंखला का अंतरराष्ट्रीय रोगियों से संबं​धित राजस्व सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़ा।

उसके विदेशी मरीजों की संख्या में बांग्लादेश की घटती हिस्सेदारी की भरपाई अब अफ्रीका, पश्चिम एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया सहित अन्य क्षेत्रों से हुई है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार इस बदलाव के कारण बांग्लादेशी रोगियों की हिस्सेदारी 2024 की शुरुआत के लगभग 30 प्रतिशत से घटकर इस वर्ष की तीसरी तिमाही में  7-8 प्रतिशत रह गई है।  

अपोलो हॉस्पिटल्स के समूह मुख्य वित्तीय अ​धिकारी (सीएफओ) कृष्णन अखिलेश्वरन ने कहा, ‘मुझे अब बांग्लादेश का कोई अतिरिक्त या नकारात्मक असर नहीं दिख रहा है। चालू तिमाही के दौरान, अंतरराष्ट्रीय रोगी राजस्व में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बांग्लादेश से इतर दूसरे देशो के रोगियों पर ध्यान दिया गया है और यह विभिन्न बाजारों से आया है।’ वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कुल राजस्व 3,183 करोड़ रुपये रहा, जिसमें से अंतरराष्ट्रीय रोगियों की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत या 190 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि इसमें बांग्लादेश की हिस्सेदारी मुश्किल से 7-8 प्रतिशत थी।

First Published : February 15, 2026 | 9:50 PM IST